प्रदेश के ढाबों और होटलों में संचालित होने वाले वेश्यालयों से पकड़ी जाने वाली महिला सेक्स वर्कर्स को अब आरोपी नहीं बनाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल व इंदौर के पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि, ऐसे म
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स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि, कई जिलों में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के अंतर्गत रजिस्टर्ड किए जाने वाले अपराधों में अक्सर देखने में आता है कि होटल संचालकों और ढाबा मालिकों द्वारा पैसा लेकर होटल और ढाबों के कमरे में वेश्यालय संचालित किया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा दबिश दिए जाने के दौरान वहां से पकड़ी जाने वाली महिला को भी आरोपी बनाया जाता है।
स्पेशल डीजी ने कहा है कि महिला सेक्स वर्कर के साथ पीड़ित और शोषित के जैसे करने को लेकर पूर्व में भी निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर 21 सितम्बर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय के क्रिमिनल अपील क्रमांक 135-2020 बुद्धदेव कर्मास्कर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य और अन्य के आदेश का हवाला देते हुए जारी निर्देश में कहा गया है कि वेश्यालयों में दबिश के दौरान स्वैच्छिक लैंगिक कार्य अवैध नहीं है।
केवल वेश्यालय चलाना अवैध है, सेक्स वर्कर को गिरफ्तार कर दंडित अथवा परेशान नहीं करना चाहिए। इस आदेश के आधार पर पीएचक्यू ने ऐसे स्थानों पर मिलने वाली महिला सेक्स वर्कर को न तो गिरफ्तार किया जाए और न ही उनका किसी भी प्रकार से शोषण किया जाए।