नरसिंहपुर के श्रम न्यायालय में भृत्य के पद पर कार्यरत अतुल काले को न्यायालय ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। काले ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर न्यायालय के 10 लाख रुपए से अधिक की राशि का गबन किया था।
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आरोपी अतुल काले ने अपने साथियों सुमित पटेल, राजेन्द्र नाई, अरुण पटेल और अनिल चढ़ार के साथ मिलकर यह अपराध किया। इन्होंने 12 अप्रैल से 28 सितंबर 2022 के बीच न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद स्टेट बैंक की मुख्य शाखा नरसिंहपुर से फर्जी चेकों के जरिए राशि निकाली।
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रश्मिना चतुर्वेदी की अदालत ने मुख्य आरोपी अतुल काले को भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी पाया। उस पर 2.5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। अन्य चारों आरोपियों को 5-5 साल की सजा और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सरिता नामदेव ने 24 गवाह पेश किए। इन गवाहों के बयान और मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।