70 लाख के बीमे की रकम हड़पने के लिए पति ने गर्भवती पत्नी की कराई हत्या, 5 लाख में दी थी सुपारी

वन्दे भारत न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित पाटन थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 70 लाख रुपये के बीमा की रकम हड़पने के लालच में एक पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या की साजिश रची। इस घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी पति ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर हत्यारों को काम पर लगाया था। इतना ही नहीं, हत्या को एक साधारण सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने घटनास्थल पर तीन से चार बार सीन रीक्रिएट किया ताकि पुलिस और समाज को यह लगे कि महिला की मौत किसी हादसे में हुई है। हालांकि, पाटन थाना पुलिस ने अपनी गहन छानबीन और तकनीकी जांच के बल पर 28 दिन बाद इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए कविता नाम की मृतका की हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम कविता था और वह गर्भवती थी। उसके पति प्रयाश पांडे ने बीमा की मोटी रकम हासिल करने के लिए ऐसा खौफनाक प्लान तैयार किया, जिसका खुलासा होने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। प्रयाश पांडे ने अपनी पत्नी कविता के नाम पर 70 लाख रुपये का जीवन बीमा करा रखा था। इसी बीमा राशि को हथियाने की नीयत से उसने अपनी ही जीवनसाथी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान लेने की क्रूर योजना बना डाली। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रयाश पांडे ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बदमाशों से संपर्क साधा और उन्हें पांच लाख रुपये की सुपारी देने का सौदा तय किया।
आरोपियों ने योजना के तहत कविता को गाड़ी से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इस पूरी वारदात को एक सड़क दुर्घटना का स्वरूप दिया गया ताकि किसी को कोई शक न हो। हत्या के बाद आरोपियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि घटनास्थल बिल्कुल वैसा ही दिखे जैसा एक वास्तविक सड़क हादसे में दिखता है, तीन से चार बार वहां सीन रीक्रिएट किया। उनका उद्देश्य साक्ष्यों को इस तरह से बिखेरना और व्यवस्थित करना था कि जांच एजेंसियां इसे महज एक दुर्घटना मानकर फाइल बंद कर दें। लेकिन अपराधियों की यह चालाकी ज्यादा दिनों तक काम नहीं आ सकी।
पाटन थाना पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की, तो कई सुराग ऐसे मिले जिन्होंने संदेह को जन्म दिया। पुलिस ने लगभग 28 दिनों तक लगातार मेहनत की, तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लंबी और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया। पुलिस की जांच में स्पष्ट हो गया कि जो घटना पहले एक सड़क हादसा लग रही थी, वह दरअसल एक सुनियोजित और ठंडे दिमाग से रची गई हत्या की साजिश थी।
इस मामले में पाटन थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी कविता की हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या सुपारी की रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया गया था।
यह घटना समाज में रिश्तों की गिरती गरिमा और पैसों के लालच में इंसान द्वारा अपनाई जा रही हैवानियत का एक भयावह उदाहरण है। एक पति, जिसे अपनी पत्नी और आने वाले बच्चे की रक्षा का जिम्मा निभाना चाहिए था, उसने महज 70 लाख रुपये के बीमे के लालच में अपनी गर्भवती पत्नी की जान ले ली। पांच लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाना और फिर उसे हादसा साबित करने के लिए घटनास्थल पर बार-बार रीक्रिएशन करना, यह दर्शाता है कि अपराधियों ने इस वारदात को कितनी बारीकी से प्लान किया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 28 दिन की जांच उनके लिए भी एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि आरोपियों ने साक्ष्यों को मिटाने और गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लेकिन पुलिस टीम की सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच के तरीकों ने अंततः सच को सामने ला दिया। खुलासे के समय जब पुलिस को पूरी कहानी का पता चला, तो जांच में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों के भी होश उड़ गए कि कोई व्यक्ति इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।
फिलहाल, गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस उनकी रिमांड लेकर आगे की विस्तृत जांच करेगी। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे जबलपुर और पाटन क्षेत्र में लोगों को स्तब्ध कर दिया है। वन्दे भारत न्यूज़ इस मामले की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई की जानकारी जैसे-जैसे उपलब्ध होगी, उसे प्रसारित किया जाएगा।

