8th Pay Commission Salary Calculator Scam Explained; APK File

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10 घंटे पहले

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बीते कुछ महीनों से 8वें वेतन आयोग से जुड़े अपडेट्स खबरों में हैं। वेतन आयोग भारत सरकार की एक ‘एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी’ है, यह लगभग हर 10 साल में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोत्तरी की सिफारिश करती है। नए अपडेट्स के कारण केंद्रीय कर्मचारी अपनी बढ़ी सैलरी जानने के लिए उत्सुक हैं।

साइबर ठग इस मौके का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑडिनेशन सेंटर (I4C) ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया है।

आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में ‘8th पे कमीशन सैलरी स्कैम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • ठग इस स्कैम में लोगों को कैसे फंसा रहे हैं?
  • ऐसे किसी भी साइबर स्कैम से बचने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- ‘8th पे कमीशन सैलरी कैलकुलेटर स्कैम’ क्या है?

जवाब- यह एक साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को वॉट्सएप पर फर्जी मैसेज भेजते हैं। इसमें सैलरी बढ़ोतरी की जानकारी देने के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता है।

जब यूजर इस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, स्कैमर्स उसके मोबाइल का एक्सेस ले लेते हैं और बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।

सवाल- इंडियन साइबर क्राइम कोऑडिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को इस स्कैम से सचेत करने के लिए क्या चेतावनी दी है?

जवाब- I4C ने कहा है कि-

‘8th पे कमीशन सैलरी’ के नाम पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं।

इन मैसेज में APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जो खतरनाक है।

ऐसी फाइल्स से मोबाइल डेटा और बैंक से जुड़ी सेंसेटिव जानकारी चुराई जा सकती है।

इसलिए किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।

केवल ऑफिशियल सोर्स से ही जानकारी लें।

किसी भी संदिग्ध मैसेज को तुरंत रिपोर्ट करें।

सवाल- ठग ‘8th पे सैलरी कैलकुलेटर स्कैम’ में लोगों को कैसे फंसा रहे हैं?

जवाब- स्कैमर इस ठगी को कैसे अंजाम देते हैं, इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लोग इतनी आसानी से ठगों के झांसे में क्यों आ जाते हैं?

जवाब- दरअसल लोगों के मन में ये जानने को लेकर उत्सुकता होती है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के बाद उनके अकाउंट में कितने रुपए बढ़कर आएंगे। ठग इसी उत्सुकता और लालच का फायदा उठाते हैं।

सवाल- ठग ‘8th पे सैलरी कैलकुलेटर स्कैम’ में किन लोगों को टारगेट बना रहे हैं?

जवाब- ठग इसमें खासतौर पर केंद्रीय कर्मचारी टारगेट कर रहे हैं। साथ ही पेंशनर्स भी ठगों के निशाने पर हैं। पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल कैसे हैक हो जाता है?

जवाब- APK एंड्रॉयड एप इंस्टॉल करने की फाइल होती है।

  • फर्जी APK में मालवेयर (वायरस) हो सकता है।
  • इंस्टॉल होते ही यह एप कुछ परमिशन मांगता है।
  • परमिशन मिलते ही, एप को मोबाइल का एक्सेस मिल जाता है।
  • बैंकिंग एप और OTP की जानकारी भी चोरी हो सकती है।
  • कुछ मालवेयर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर सकते हैं।
  • पर्सनल डेटा हैकर के सर्वर तक भेजा जाता है और स्कैमर मोबाइल हैक कर लेते हैं।

सवाल- ऐसे किसी भी साइबर स्कैम से बचना है तो क्या करें?

जवाब- I4C ने इसके लिए कुछ सलाह दी है। सभी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- स्कैमर्स के मैसेज में क्या रेड फ्लैग होते हैं? इन्हें कैसे पहचानें?

जवाब- I4C के अनुसार, स्कैमर्स के मैसेज में कई रेड फ्लैग होते हैं, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर गलती से APK डाउनलोड हो जाए तो क्या करें?

जवाब- ऐसा होने पर तुरंत करें ये काम-

  • सबसे पहले इंटरनेट (Wi-Fi/मोबाइल डेटा) तुरंत बंद करें।
  • संदिग्ध APK से इंस्टॉल हुआ एप तुरंत अनइंस्टॉल करें।
  • मोबाइल की सेटिंग में जाकर सभी अनजान एप्स चेक करें।
  • एंटीवायरस से फोन को स्कैन करें और मालवेयर हटाएं।
  • बैंकिंग एप्स और ईमेल के पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और ट्रांजैक्शन अस्थाई रूप से ब्लॉक कराएं।
  • OTP, PIN या कोई भी सेंसिटिव डिटेल शेयर न करें।
  • जरूरी हो तो फोन को ‘फैक्ट्री रीसेट’ करवाएं।

सवाल- ऐसे अनऑथराइज्ड एप्स से बचने के लिए मोबाइल फोन में कौन-सी सिक्योरिटी सेटिंग्स ऑन रखनी चाहिए?

जवाब- मोबाइल फोन में ऑन करें ये सेटिंग्स-

  • हमेशा गूगल प्ले प्रोटेक्ट ऑन रखें ताकि संदिग्ध एप्स डाउनलोड न हो।
  • ‘इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेस’ ऑप्शन बंद कर दें।
  • मोबाइल फोन अपडेटेड रखें।
  • सिर्फ जरूरी एप्स को ही कैमरा, माइक्रोफोन और फाइल का एक्सेस दें।
  • स्ट्रॉन्ग स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सिक्योरिटी ऑन रखें।
  • टू-फैक्टर एसोसिएशन (2FA) एक्टिव रखें।
  • एंटीवायरस या मोबाइल सिक्योरिटी एप का इस्तेमाल करें।

सवाल- अगर शक है कि स्कैम हो रहा है तो बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सिक्योर करें?

जवाब- ऐसा हो तो तुरंत करें ये काम-

  • तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके सूचना दें या ब्रांच से संपर्क करें।
  • इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग अस्थाई रूप से ब्लॉक करवाएं।
  • ATM/डेबिट और क्रेडिट कार्ड तुरंत ब्लॉक करें।
  • सभी पासवर्ड और UPI PIN तुरंत बदलें।
  • संदिग्ध ट्रांजैक्शन की तुरंत शिकायत दर्ज करें।
  • SMS/ईमेल अलर्ट एक्टिव रखें।

सवाल- इस तरह के साइबर फ्रॉड की शिकायत कहां और कैसे करें?

जवाब- ऐसे करें शिकायत-

  • नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
  • अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
  • बैंक से जुड़े फ्रॉड में तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।
  • शिकायत करते समय स्क्रीनशॉट, मैसेज, लिंक जैसे सबूत साथ रखें।
  • अपनी पूरी जानकारी सही और स्पष्ट रूप से दें।
  • शिकायत नंबर/रसीद सुरक्षित रखें।
  • जल्दी शिकायत करने से पैसा रिकवरी की संभावना बढ़ती है।

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