लंदन/मुंबई43 मिनट पहले
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सर्वे के मुताबिक 87% जेन जी (1997–2012) ने पिछले 12 महीनों में कम से कम एक फिल्म सिनेमाघर में जरूर देखी। – प्रतीकात्मक फोटो
सिनेमाहॉल का दौर ‘खत्म’ होने की अफवाहों के बीच 2026 को कोविड के बाद वैश्विक बॉक्स ऑफिस के लिए सबसे अच्छा साल माना जा रहा है। दुनियाभर के सिनेमाघरों में रौनक फिर लौट आई है, जिसकी बड़ी वजह जेन जी है।
फैन्डैंगो के सर्वे में 87% जेन जी (1997–2012) ने पिछले 12 महीनों में कम से कम एक फिल्म सिनेमाघर में जरूर देखी। इसके बाद मिलेनियल्स (1981 से 1996) 82% रहे। इस मामले में जेनरेशन ‘एक्स’(1965 से 1980) 70% व 1946 से 1964 के बीच जन्मे बूमर्स 58% रहे। सर्वे के अनुसार, जेन-जी साल में औसतन 7 बार सिनेमाघर जाता है। यह बाकी समूहों से ज्यादा है।
जेन-जी स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया के साथ बड़ी हुई, लेकिन अब कई युवा एल्गोरिदम वाले डिजिटल माहौल से थक रहे हैं। ‘टॉक ऑफ द टाउनसेंड्स’ पॉडकास्ट के होस्ट बेनेडिक्ट और हन्ना टाउनसेंड के अनुसार, इंटरनेट अब परेशान करने वाला लगने लगा है, इसलिए जेन जी स्क्रीन से बाहर सामाजिक अनुभव चाहती है, जिसमें सिनेमा अहम भूमिका निभा रहा है।
22 वर्षीय टिकटॉकर फ्लोरेंस रोज कहती हैं कि थिएटर जाना दोस्तों से जुड़ने का तरीका बन गया है, जहां कुछ समय के लिए फोन से दूरी बनाई जा सकती है।
भारत में टिकट खरीदने वालों में 60% से अधिक युवा
भारत में सिनेमा आज भी ‘ग्रुप इवेंट’ की तरह है। भारतीय मल्टीप्लेक्स चेन (पीवीआर-आईनॉक्स) के आंकड़ों के अनुसार, सिनेमा टिकट खरीदने वाले 60% से अधिक लोग 15 से 30 वर्ष की आयु के हैं। उधर, बुकमाय शो की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 75% मूवी टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं और इनमें ज्यादातर बुकिंग 18-25 साल के युवा करते हैं।
कॉन्सर्ट के मुकाबले सिनेमा अब भी सस्ता
महंगे कॉन्सर्ट और क्लबिंग के मुकाबले सिनेमा अब भी सस्ता है। यूके नाइट टाइम इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार 68% युवा ज्यादा खर्च की वजह से सिनेमा को प्राथमिकता दे रहे हैं। लैटरबॉक्स्ड जैसे एप्स ने सिनेमा का क्रेज बढ़ाया है, जहां यूजर फिल्म रिव्यू शेयर करते हैं। इसके यूजर 2020 में 17 लाख थे जो 2026 में बढ़कर 2.6 करोड़ हो गए। वहीं बार्बी एप पर ही 11 लाख से ज्यादा रिव्यू आ चुके हैं, जो फिल्मों को लेकर उत्साह दिखाता है।
















