धनबाद में रविवार को ख्रीस्त राजा पर्व के अवसर पर सेंट मेरी चर्च से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर का धार्मिक माहौल बदल दिया। प्रातः सेंट मेरी चर्च से आरंभ हुई इस शोभायात्रा ने रेलवे क्लब, अंबेडकर चौक, पूजा टॉकीज और बेकारबांध मार्ग होते हुए माउंट कार्मेल स्कूल, झारूडीह तक अपना पथ तय किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की प्रार्थनाएँ, भजन और जयघोष गूंजते रहे।
शोभायात्रा की शुरुआत से पूर्व आसनसोल धर्मप्रांत के पूर्व बिशप सिप्रियन मोनिस ने पारलौकिक राजत्व का विशेष आशीर्वाद दिया। इसके बाद हजारों की संख्या में मौजूद ईसाई धर्मावलंबी “खीस्त राजा की जय”, “राजाओं का राजा—प्रभुओं का प्रभु” जैसे स्तुति गीतों के साथ आगे बढ़ते रहे। रास्ते भर भक्तिमय माहौल छाया रहा।
इस अवसर पर धनबाद सहित आसपास के चर्चों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। सिंदरी के संत तेरेसा कैथोलिक चर्च, गोमो के संत जोन डी ब्रिटो चर्च, धोवाटांड़ के संत जोन वियन्नी चर्च, टुंडी के संत जेवियर चर्च, डिगावाडीह के संत मेरी चर्च, कुमारधुबी के होली फैमिली चर्च तथा धनबाद के सेंट एंथोनी चर्च से भी बड़ी संख्या में विश्वासी इसमें शामिल हुए।
माउंट कार्मेल स्कूल पहुंचने पर एक भव्य प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। सेंट एंथोनी चर्च के फादर के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु को ख्रीस्त राजा के रूप में नमन किया।कार्मेल स्कूल की प्राचार्या सिस्टर शिल्वी ए. सी. ने बताया कि कैथोलिक कैलेंडर के अनुसार वर्ष के अंतिम (34वें) रविवार को ख्रीस्त राजा पर्व मनाया जाता है, जिसके साथ कैथोलिक वर्ष का समापन होता है। आगामी रविवार, 30 नवंबर से एडवेंट—अर्थात प्रभु यीशु के आगमन काल—की शुरुआत होगी।
शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु जोसेफ डांगा ने बताया कि “संत मेरी चर्च से माउंट कार्मेल तक हजारों ईसाई धर्मावलंबियों की भागीदारी जिला भर की एकता और भक्ति का अद्भुत प्रतीक रही।”धनबाद में आयोजित यह शोभायात्रा इस वर्ष की सबसे बड़ी धार्मिक रैलियों में से एक रही, जिसने पूरे शहर को आस्था, शांति और भाईचारे के रंग में रंग दिया।


















