पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए 148 सीटें चाहिए। मुकाबला TMC और BJP के बीच है। अबकी जीत-हार का पूरा समीकरण SIR के इर्द-गिर्द है। BJP और SIR का डर चला
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चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम मुर्शिदाबाद, कोलकाता, मालदा, दार्जिलिंग, नादिया, झारग्राम, संदेशखाली समेत नॉर्थ और साउथ बंगाल के कई जिलों में पहुंची। आम लोगों से लेकर सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। इस दौरान 3 बातें समझ आईं…
1. BJP के लिए: SIR में कुल 91 लाख नाम कटे हैं। इसमें 47 लाख मृत लोगों के हैं। अगर इन्हें आधार बनाकर सीटों का गणित समझें तो इस बार BJP को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। उसे 150 से 170 सीटें मिल सकती हैं। वहीं TMC 110-140 सीटों पर सिमट सकती है। इसी गणित के आधार पर BJP के नेता बंगाल में सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।
2. TMC के लिए: पश्चिम बंगाल के वोटर्स में SIR का डर TMC के पक्ष में जा सकता है। असल में ग्राउंड पर ऐसी अफवाह फैली है कि वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद नागरिकता भी जा सकती है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में बच गए, उन्होंने इसी डर से हर कीमत पर 100% वोट डालने की कोशिश की। इस बंपर वोटिंग का फायदा TMC को मिल सकता है। पार्टी 160 से 190 सीटें जीत सकती है।
3. कांग्रेस के लिए: एक फैक्टर ऐसा भी है, जिससे कांग्रेस फायदे में नजर आ रही है। TMC सरकार से लोग नाराज हैं। भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के साथ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर मजबूत है। ये नाराजगी मुस्लिम बहुल इलाकों में भी है, लेकिन ये वोटर BJP के साथ नहीं जाएगा। ऐसे में मुर्शिदाबाद और मालदा की सीटों पर इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। कांग्रेस 1-3 सीटों पर मजबूत हो रही है।

साउथ बंगाल में इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी ISF 1 या दो सीटों पर मजबूत हो सकता है। वहीं, CPI(M) 2 से 3 सीटों पर दूसरी पोजिशन पर हो सकती है या फिर ज्यादा से ज्यादा 1 सीट जीत सकती है। वहीं, TMC से बाहर हुए हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) का कोई असर नहीं दिख रहा है।
BJP की जीत के लिए बड़े फैक्टर…
SIR में 47 लाख वोटर्स डिलीट होने का फायदा BJP को
पॉलिटिकल एनालिस्ट देबांजन बनर्जी ने BJP की जीत का गणित समझाया। उनके मुताबिक, पिछले दो चुनावों में TMC को करीब 2.86 करोड़ और BJP को 2.26 करोड़ वोट मिले थे। यानी TMC लगभग 60 लाख वोट से आगे थी। अब SIR में करीब 47 लाख मृत लोगों के नाम लिस्ट से हट गए हैं। माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर TMC के समर्थक थे। अगर ऐसा है, तो TMC का वोट बैंक घटेगा और BJP को सीधा फायदा होगा।’
असली खेल उन सीटों पर है, जहां बहुत कम अंतर से जीत-हार होती है। 2021 विधानसभा चुनाव के लिहाज से देखें, तो करीब 30 सीटों पर 1000 से कम वोटों से जीत-हार तय हुई थी, जबकि करीब 50 सीटों पर दो से पांच हजार वोटों का अंतर था। 100 सीटों पर वोट का अंतर करीब 5 हजार से 10 हजार के बीच था। 47 लाख वोट कम होने पर ऐसी सीटों के नतीजे पलट सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो BJP 150 से 170 सीट जीत सकती है।

डर से आजादी और दूसरे राज्यों के नेता बूथ पर सक्रिय
चुनाव में डर का माहौल है। मालदा, मुर्शिदाबाद और संदेशखाली में पैरा मिलिट्री फोर्सेज पोलिंग बूथ के साथ-साथ घरों के बाहर गलियों में भी तैनात हैं। लोग बिना डरे पोलिंग बूथ जा रहे हैं। ये फैक्टर BJP के पक्ष में है। वहीं, हर बूथ पर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और असम समेत BJP सरकार वाले राज्यों के मंत्री, विधायक और सांसदों की टीम काम कर रही है, ताकि जीत उनके पक्ष में हो।
BJP के पक्ष में ये फैक्टर भी…
1. BJP ने TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का मुद्दा बढ़ा-चढ़ाकर उठाया। 2. TMC की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत 1500 रुपए की जगह 3000 रुपए देने का वादा किया है।

बंगाल विधानसभा चुनाव के आखिरी दिन PM मोदी ने रोड शो किया और जनता को संबोधित कर बताया कि राज्य में BJP क्यों जरूरी है।
पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग यानी सत्ता बदलाव
- 2026 में 93% वोटिंग: ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी BJP के पक्ष में जाने का अनुमान
- 2011 में 85.55% वोटिंग: TMC ने कम्युनिस्ट पार्टी को सत्ता से हटाकर सरकार बनाई
- 1977 में 56.15% वोटिंग: कांग्रेस को हटाकर कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार बनाई

बंगाल में 23 अप्रैल को पहले फेज में 152 सीटों पर 93% वोटिंग हुई।
TMC की जीत के लिए बड़े फैक्टर…
SIR में नाम कटने से नागरिकता छिनने का डर, TMC को फायदा
राज्य में SIR में ज्यादा नाम ग्रामीण इलाकों में कटे। इसे लेकर पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ. सिबाजी प्रतीम बसु कहते हैं, ‘वोटर लिस्ट से नाम कटने पर चुनाव आयोग ने सिर्फ इतना कहा था कि मामला सिर्फ SIR से जुड़ा है। BJP ने इसे घुसपैठिया शब्द से जोड़ दिया। इससे लोगों में मन में नागरिकता जाने का डर है। बांग्लादेशी बताकर देश से बाहर कर दिया जाएगा।‘
‘ये खौफ भी है कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस और राशन कार्ड छिन जाएगा। फिर वो बंगाल से बाहर जाकर कैसे काम करेंगे।‘

‘TMC के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी के साथ भ्रष्टाचार नेगेटिव पॉइंट हैं, लेकिन अब अस्मिता के सामने ये मुद्दे दूसरे और तीसरे नंबर पर चले गए हैं। ऐसे में लगता है कि TMC को 160 से 190 सीटें और BJP को ज्यादा से ज्यादा 80 से 110 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस महज 1 से 3 सीटें ही जीत सकेगी।‘
सीनियर जर्नलिस्ट सुमन भट्टाचार्य भी मानते हैं, SIR की वजह से वोट प्रतिशत पिछली बार से बढ़ा है। अबकी BJP 85 सीटों से ज्यादा जीतेगी, लेकिन बहुमत नहीं मिल पाएगा। TMC को 180 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, लेकिन ये 2021 से कम होंगी।‘
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1. आरजी कर रेप-मर्डर केस की पीड़ित की मां BJP कैंडिडेट, सभा में कुर्सियां खाली

पानीहाटी सीट से आरजीकर रेप केस की पीड़ित की मां रतना देबनाथ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 12 अप्रैल को सभा करने गईं तो कुर्सियां खाली पड़ी थीं। रतना देबनाथ अपने चुनाव लड़ने को बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई बता रही हैं। महिलाएं उनकी सभा के सामने से गुजरते हुए रुकती हैं। पूछने पर कहती हैं, ‘हम साथ हैं, लेकिन दिखा नहीं सकते। TMC वाले घूम रहे हैं। साथ देख लिया, तो मुश्किल होगी।’ पढ़िए पूरी खबर…















