नई दिल्ली, 30 नवंबर 2025:केंद्र सरकार ने शनिवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स मोबाइल में एक्टिव सिम कार्ड के बिना नहीं चल सकेंगे।
दूरसंचार विभाग (DoT) के इस आदेश का उद्देश्य साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाना बताया जा रहा है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से साइबर ठगों और फर्जी नंबरों के जरिए होने वाले अपराधों का पता लगाना आसान होगा।
‘सिम बाइंडिंग’ लागू-:नए आदेश के तहत मैसेजिंग ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि—जिस फोन में ऐप चल रहा है, उसी फोन में यूजर की रजिस्टर्ड सिम एक्टिव हो।अगर मोबाइल से सिम निकाली जाती है या वह निष्क्रिय हो जाती है, तो व्हाट्सएप सहित अन्य सभी मैसेजिंग ऐप तुरंत बंद हो जाएंगे।
इस प्रक्रिया को ‘सिम बाइंडिंग’ नाम दिया गया है। इसका मतलब है कि ऐप का उपयोग केवल उसी सिम के साथ संभव होगा, जिस पर वह पंजीकृत है।सरकार का मानना है कि इससे फर्जी सिम, वर्चुअल नंबरों और अनजान डिवाइसों के जरिए किए जाने वाले डिजिटल फ्रॉड में कमी आएगी। साथ ही, साइबर अपराधियों का ट्रैक करना भी आसान हो जाएगा।नए नियम लागू होने के बाद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को अपने सिस्टम में तकनीकी बदलाव कर इस सुविधा को अनिवार्य रूप से जोड़ना होगा।
इस फैसले का असर देशभर में करोड़ों मैसेजिंग ऐप उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा।















