झिलमिल नदी में डूबे दोनों बालकों के शव मिले: दोस्त प्रिंस को बचाने उतरा कृष्णा भी बहा, शैलू ने पेड़ पकड़कर बचाई जान; गांव में पसरा मातम

भिंड जिले के भारौली थाना क्षेत्र के चितावली गांव में शुक्रवार दोपहर झिलमिल नदी में डूबे दो चचेरे भाइयों के शव शनिवार सुबह बरामद हुए। हादसे में प्रिंस और कृष्णा नाम के दोनों बालकों की जान चली गई, जबकि उनके बड़े ताऊ के बेटे शैलू ने पेड़ पकड़कर बचाई जान। घटना के बाद गांव में पसरा मातम और शोक का माहौल व्याप्त हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर भिंड के भारौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत चितावली गांव के निवासी झिलमिल नदी में नहाने गए थे। नदी में प्रिंस, कृष्णा और उनके बड़े ताऊ के बेटे शैलू समेत कई युवक व बच्चे नहा रहे थे। दोनों भाइयों को बचाने की कोशिश में कृष्णा भी नदी में उतरा, लेकिन दोनों की स्थिति गंभीर हो गई। इस दौरान शैलू ने संयम बरतते हुए एक पेड़ को पकड़कर तट तक पहुंचा और बचाई जान।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने जानकारी दी और बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन दोनों बालकों को नदी से बाहर निकालने में समय लग गया। पुलिस और स्थानीय बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे, परंतु दोनों की जान बचाना असंभव पाया गया। शनिवार सुबह शुद्धि और खोज अभियान के बाद दोनों के शव नदी से बरामद किए गए और पारिवारिक घर ले जाए गए।
प्रिंस और कृष्णा के परिवारजनों पर शोक का भारी पड़ाव पड़ा है। गांव के निवासी कहते हैं कि दोनों बच्चे पड़ोसी और चचेरे भाई थे और उनकी मौत से पूरा समुदाय कांप उठा है। शैलू, जिसने पेड़ पकड़कर बचाई जान, इस घटना से गहरा झुका हुआ है और उसे बचाव का श्रेय दिया जा रहा है।
झिलमिल नदी इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों के नहाने और व्यायाम का केंद्र रही है, लेकिन मौसम और बहाव के हालिया बदलावों के कारण जोखिम बढ़ गया है। अभी-अभी घटना की जांच पुलिस के हवले है और कारणों का पता लगाया जा रहा है। गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि नदी के किनारे सुरक्षा बाधाएं और चेतावनी संकेत लगवाए जाएं ताकि ऐसी दुर्घटनाएं रुक सकें।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और शवों की पहचाते हुए पोस्टमर्टम रिपोर्ट ली जा रही है। गांव में शवाही की तैयारियाँ चल रही हैं और पड़ोसी समुदाय ने सांत्वना प्रदान की है। शैलू को भी मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है क्योंकि वह घटना से काफी प्रभावित है।
इस घटना ने फिर से यह सवाल उठाया है कि क्या नदी किनारे निजी और सरकारी दोनों स्तरों पर सुरक्षा उपाय किए जाएं। स्थानीय युवा समूहों ने अपील की है कि बच्चों के लिए निगरानी वाले नहाने के क्षेत्र निर्धारित किए जाएं और मौसमी बाढ़ की जानकारी दी जाए। चितावली गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि झिलमिल नदी पर नियमित पटrol और बचाव उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
प्रिंस और कृष्णा के परिवार के सदस्य डगमगा रहे हैं और उन्होंने न्याय की मांग की है। गांव के बुजुर्गों ने कहा है कि यह त्रासदी किसी भी समुदाय के लिए बहुत बड़ी है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। शैलू ने जो साहस दिखाया, उसे गांव वाले सराह रहे हैं, लेकिन उसके मन में गहरा दुःख है।
भिंड पुलिस ने घटना को दर्ज कर जांच जारी रखी है और स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग की जा रही है। इस दुखद घटना ने फिर से याद दिलाया है कि मानसून के मौसम में नदियों के पास सावधानी बरतना कितना जरूरी है। गांव में अब शांति फैली हुई है, लेकिन मातम का दबदबा तब तक रहेगा जब तक दोनों बालकों का अंतिम संस्कार नहीं हो जाता।




