33 मिनट पहले
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नेपाल के काठमांडू स्थित त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया। इस्तांबुल से आए टर्किश एयरलाइंस के विमान के टायर में लैंडिंग के दौरान आग लग गई। हालांकि फायर ब्रिगेड ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारी एसपी राजकुमार सिलवाल ने ANI को बताया कि टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट TK-726 इस्तांबुल से काठमांडू आ रही थी। उन्होंने कहा कि लैंडिंग के दौरान विमान के टायर में आग लग गई।
सिलवाल के मुताबिक एयरपोर्ट पर मौजूद फायर इंजन की मदद से आग को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। इसके बाद विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अधिकारियों के मुताबिक विमान में कुल 278 यात्री और 11 क्रू मेंबर्स सवार थे। रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों में कुछ संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिकारी भी शामिल थे। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
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श्रीलंका में नाबालिग से रेप के आरोप में 71 वर्षीय बौद्ध भिक्षु गिरफ्तार; युवती की मां भी हिरासत में

श्रीलंका के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु पल्लेगामा हेमारथाना थेरो को नाबालिग लड़की से कथित रेप और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 71 साल के भिक्षु को कोलंबो के एक निजी अस्पताल से हिरासत में लिया गया।
हेमारथाना थेरो श्रीलंका के आठ पवित्र बौद्ध स्थलों के प्रमुख संरक्षक हैं। वे अनुराधापुरा के मुख्य पुजारी भी हैं। अनुराधापुरा UNESCO विश्व धरोहर स्थल में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक वे उस पवित्र वृक्ष के भी संरक्षक हैं, जिसे बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति वाले बोधि वृक्ष की शाखा से उगा माना जाता है।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक पीड़िता अब 15 साल की है। मार्च में नाबालिग के कथित अपहरण और अवैध हिरासत से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को लंबे समय तक यौन शोषण की जानकारी मिली। इसके बाद लड़की को सरकारी संरक्षण केंद्र में रखा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की की मां को भी गिरफ्तार किया गया है। उस पर शोषण में मदद करने और मामला छिपाने का आरोप है।
भिक्षु पर आरोप है कि 2022 में अनुराधापुरा के एक मंदिर में लड़की के साथ कई बार रेप और यौन उत्पीड़न किया गया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल उन्हें कोलंबो जेल अस्पताल में मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
बाल संरक्षण अधिकारियों ने पहले पुलिस की आलोचना की थी कि आरोपी का नाम सामने आने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। बाद में अनुराधापुरा के मुख्य मजिस्ट्रेट ने जांच पूरी होने तक भिक्षु को हिरासत में रखने का आदेश दिया।
















