23 अप्रैल 2026, NCP विधायक अमोल मिटकरी ने खेत में कटे पड़े बकरे और पूजा-पाठ की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। दावा किया कि अजित पवार की मौत सामान्य हादसा नहीं था। अजित पवार के बारामती आने से पहले उनके खेत और फार्महाउस पर तंत्र-मंत्र और काला जादू कराय
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ये दावा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के 85 दिन बाद किया गया। उनके भतीजे रोहित पवार भी ऐसे आरोप लगा चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम इन दावों की पड़ताल करने और फोटोज की असलियत जानने के लिए बारामती में अजित पवार के गांव काटेवाड़ी पहुंची। यहां दो चश्मदीद मिले, जिन्होंने पूजा होते देखी थी।

NCP विधायक अमोल मिटकरी ने 23 अप्रैल को जादू-टोने का शक जताते हुए पहला ट्वीट किया था।
चश्मदीद 1: पूजा हुई, लेकिन अजित दादा के खेत में नहीं
काटेवाड़ी के उपसरपंच और NCP से जुड़े मिलिंद तुकाराम काटे जादू-टोने की बात को गलत बताते हैं। वे दावा करते हैं, ‘विधायक अमोल मिटकरी ने जो फोटो शेयर की हैं, वो अजित दादा के घर या खेत की नहीं है। मैंने वो पूजा देखी है, वो अजित दादा के खेत में नहीं हुई थी।‘
पूजा पास के दूसरे खेत में हादसे के 15 दिन बाद की गई थी। ये खेत दादा के घर से दूर है। आज विज्ञान का जमाना है, लोग इन बातों में यकीन नहीं रखते। उस पूजा का अजित दादा के परिवार या इस घटना से कोई लेना-देना नहीं।

गांव में रहने वाले मिलिंद कहते हैं, ‘अजित दादा के लिए लोगों में बहुत प्यार है। मीडिया के जरिए अलग-अलग सवाल उठाए जाते हैं, तो गांव के लोगों के दिलोदिमाग में भी थोड़ी शंकाएं पैदा होती हैं।‘
‘हमें तो ये एक्सीडेंट ही लग रहा है। कुछ लोग साजिश की आशंका जता रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार गृह मंत्री अमित शाह और PM मोदी से मिली हैं। हमें भरोसा है कि अगर कुछ संदिग्ध होगा, तो सामने आएगा।‘

चश्मदीद 2: पूजा का दादा से लेना-देना नहीं
हम काटेवाड़ी में उस जगह पहुंचे, जहां पूजा का दावा किया गया था। यहां किसान संजय मधुकर मिले। वे हमें खेत में ले गए। वहां पेड़ पर अब भी बकरे के अवशेष लटके हैं। यहीं बगल में संजय का खेत है। वे दावा करते हैं, ‘मैंने पूजा होते देखी थी। ये नहीं पता कि पूजा गांव में से किसने की थी।‘
‘कई लोग पूजा की फोटो दिखाकर साजिश बता रहे हैं, लेकिन वहां किसी की फोटो नहीं रखी गई थी। मैंने देखा था कि वहां एक बोकड़ (बकरा) लटकाया गया था और उसका मुंडका (सिर) शरीर से अलग था। नीचे नींबू और नारियल रखकर पूजा की गई थी, लेकिन इसका अजित दादा के प्लेन क्रैश से कोई संबंध नहीं है। इसे बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।‘

NCP विधायक अमोल मिटकरी ने खेत में पूजा-पाठ की ये फोटो 24 अप्रैल को पोस्ट की थी।
विधायक बोले- प्लेन क्रैश हादसा नहीं, सोची-समझी साजिश
गांव वालों के दावे जानने के बाद हमने NCP विधायक अमोल मिटकरी से भी बात की। वे अजित पवार के प्लेन क्रैश से पहले अघोरी पूजा के दावों पर कायम हैं। अमोल कहते हैं कि बारामती में उपचुनाव के समय मैं काटेवाड़ी गया था। वहां अजित दादा के फार्म हाउस की कुछ फोटो मिलीं, जिसमें जादू-टोने जैसी चीजें दिख रही थीं। ये सब काटेवाड़ी फार्म हाउस के पिछले हिस्से की थीं।
अमोल कहते हैं, ‘अगर कोई प्लेन क्रैश को हादसा कहता है, तो इसे साबित करके दिखाए। प्लेन ट्रेंड पायलट उड़ा रहे थे, ऐसे में हादसे की गुंजाइश कम है। ये देखना जरूरी है कि 26, 27 और 28 जनवरी को अजित पवार कहां थे।‘

28 जनवरी की फोटो,जब बारामती एयरपोर्ट के पास प्लेन तेजी से गिरता दिखा। घटना एयरपोर्ट के बाहर मेन रोड के किनारे लगे CCTV में रिकॉर्ड हुई थी।
अजित के भतीजे रोहित बोले- काली पूजा से पीछे क्या मकसद, जांच हो
अजित पवार के भतीजे और NCP (SP) के विधायक रोहित पवार भी कहते हैं कि अजित दादा के काटेवाड़ी वाले घर, बारामती और मुंबई के घर के बाहर काली पूजा की गई थी। इसके वीडियो भी हैं। काली पूजा से जुड़ा अशोक खरात अभी चर्चा में हैं। दादा की पार्टी के कई लोग उसके संपर्क में थे। हम जादू-टोने में भरोसा नहीं करते, लेकिन जो लोग ब्लैक मैजिक करते हैं, उनका मकसद क्या था, इसकी जांच होनी चाहिए।
वे सियासी कारणों की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, ‘मौत के चार महीने पहले से अजित दादा BJP के खिलाफ आक्रामक प्रचार कर रहे थे। अगर शरद पवार साहब का दिमाग और दादा का काम करने का स्टाइल फिर साथ आ जाता, तो सत्ता में बैठे लोगों की मुसीबत हो जाती। क्या इस रंजिश के चलते कुछ किया गया, ये संदेह दूर होना चाहिए।‘
रोहित आगे कहते हैं कि VSR एविएशन कंपनी के मालिक वीके सिंह और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के बीच अच्छे संबंध हैं, इसीलिए कंपनी की जांच ठीक से नहीं की जा रही है। वीके सिंह साजिश में शामिल लोगों के नाम बता सकते हैं।

पुलिस के पास जादू-टोने की शिकायत नहीं
बारामती तालुका पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर चंद्रशेखर यादव ने प्लेन क्रैश के बाद अजित पवार को सुलगते मलबे से बाहर निकाला था। फार्म हाउस में पूजा-पाठ या जादू-टोने के दावों पर चंद्रशेखर कहते हैं, ‘पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। हम खुद साइट पर गए थे। किसी ने अपने निजी खेत में कुछ किया हो, तो अजित पवार की मौत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।‘
रोहित पवार के केस दर्ज न करने के आरोपों पर वे कहते हैं, ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज होने के तुरंत बाद पूरा केस CID को हैंडओवर कर दिया गया। पुलिस ने सारी जानकारियां उन्हें सौंप दी हैं।‘

BJP नेता बोले- जादू-टोने जैसा कुछ नहीं, ये महज हादसा
बारामती में BJP के जिला उपाध्यक्ष नितिन भामे कहते हैं, ‘शुरुआती जांच और पुलिस की अब तक की छानबीन में ये हादसा ही लग रहा है। बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में पहले ही एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।‘
‘कुछ लोग इंजन के आवाज करने या प्लेन डगमगाने की बात कर रहे थे। जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं। ये पता लगाया जा रहा है कि हादसा के पीछे मैकेनिकल खराबी थी या फिर मानवीय लापरवाही। सच जांच पूरी होने पर सामने आ जाएगा।‘
वे कहते हैं कि अमोल जिन तस्वीरों को आधार बनाकर जादू टोने का दावा कर रहे हैं, उसका प्लेन क्रैश की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। हमे जो भी स्थानीय इनपुट मिल रहे हैं, हम उन्हें जांच एजेंसियों के साथ शेयर कर रहे हैं।
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