सीहोर मंडी चौराहे पर दुकान में लगी भीषण आग, करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू


सीहोर। शहर के व्यस्त मंडी चौराहा क्षेत्र में देर रात एक दुकान में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान के दोनों तलों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान बंद होने के कारण आग अंदर ही अंदर फैलती रही, जिससे भारी मात्रा में रखा सामान और स्टॉक जलने की बात सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण शुरुआती दौर में उस पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
दमकल टीम ने करीब तीन घंटे तक चलाया अभियान
आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते दुकान के दोनों हिस्से इसकी चपेट में आ गए। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।
बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे तक लगातार कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आसपास की कुछ अन्य दुकानों तक भी आग की लपटें पहुंचने की स्थिति बनी थी, जिसके चलते राहत एवं बचाव दल ने आग को आगे फैलने से रोकने के लिए विशेष प्रयास किए।
फिलहाल आग में कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका सटीक आकलन किया जा रहा है।
नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने दमकल कर्मियों और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से आग की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए। आग बुझाने के अभियान के दौरान वे मौके पर मौजूद रहे।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी आग पर काबू पाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग किया।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
आग लगने का वास्तविक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। संबंधित विभाग द्वारा घटना की जांच की जा रही है। आग के कारण दुकान में रखे सामान को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
व्यस्त मंडी चौराहे पर आग लगने की घटना के चलते कुछ समय के लिए आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। दमकल टीम के लगातार प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया और संभावित बड़े नुकसान को रोकने के लिए आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया।




