Cockroach Janta Party Political Future Scenarios; CJP Digital Protest – BJP SP TMC

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कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। अकाउंट बनने के बाद करीब 90 घंटे में बीजेपी को पीछे छोड़ा, फिर कांग्रेस को। कुछ घंटे की बात है, दोनों पार्टियों के टोटल फॉलोअर्स से भी ज्यादा इसके हो जाएंगे। अब बड़ा सवाल है

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क्या ये सिर्फ एक बुलबुला है, जो कुछ दिनों में फूट जाएगा? सरकार इसे किसी साजिश का हिस्सा बताकर दबा देगी या फिर कटाक्ष से शुरू हुआ ये ऑनलाइन कैम्पेन किसी असली राजनीतिक ताकत में बदलेगा; आज के एक्सप्लेनर में तीनों सिनैरियो का एनालिसिस…

भारत दुनिया के सबसे सस्ता इंटरनेट देने वाले टॉप-3 देशों में है। यहां कभी आंख मारना वायरल हो जाता है, कभी ‘कच्चा बादाम’। लोग 1-2 हफ्ते में भूल भी जाते हैं। ऐसे में क्या कॉकरोच जनता पार्टी भी एक वायरल ट्रेंड है, जो कुछ दिनों में गायब हो जाएगा। शायद नहीं, क्योंकि इस बार कुछ चीजें अलग हैं…

  • 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की वेबसाइट लॉन्च हुई। 48 घंटों में ही 40,000 रजिस्ट्रेशन हो गए। अभी 4 लाख से ज्यादा मेंबर्स हैं।
  • 6 दिनों में CJP के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। BJP के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर 91 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हैं।
  • CJP के X अकाउंट पर 21 मई को भारत में रोक लग गई थी। सिर्फ 4 दिन में इस पर करीब 2 लाख फॉलोअर्स थे। दूसरा हैंडल @Cockroachisback बनाया गया। 24 घंटे में ही दोबारा करीब डेढ़ लाख फॉलोअर्स हो गए हैं।
  • यह कैंपेन स्क्रीन से बाहर भी निकला। CJI के बयान के तीन दिन बाद ही CJP के समर्थक दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पहुंचे। हाथ में झाड़ू, गले में ‘I am a Cockroach’ का पोस्टर। कॉकरोच की पोशाक में युवाओं ने यमुना के किनारे से कचरा और प्लास्टिक साफ किया।
दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पर सफाई करते कॉकरोच पार्टी समर्थक युवा।

दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पर सफाई करते कॉकरोच पार्टी समर्थक युवा।

  • 22 मई को CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की है, जिस पर 4 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन कर दिए हैं।
  • राजनीतिक गलियारों में भी हलचल है। TMC सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने इस मूवमेंट से जुड़ने की बात कही। सीनियर वकील प्रशांत भूषण, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी सपोर्ट किया।
  • सपा मुखिया अखिलेश यादव ने X पर लिखा- BJP v CJP। यानी विपक्ष के बड़े नेता भी कॉकरोच पार्टी की धमक को नजरअंदाज नहीं कर पा रहीं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहते हैं,

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युवा निराश है और इसीलिए इससे जुड़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि इसके पीछे जो युवा हैं, वो इस एनर्जी को मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में लाने का रास्ता निकाल लेंगे या फिर अपने वोट के जरिए बदलाव की आवाज बनेंगे।

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निष्कर्षः कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत कटाक्ष के तौर पर हुई थी, लेकिन अब ये सिर्फ बुलबुला नहीं रह गया है।

पहले इसके फाउंडर अभिजीत के बारे में जान लीजिए। 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स किया। वो अभी अमेरिका में ही रहते हैं।

अभिजीत 2020 से 2022 तक AAP के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। अभिजीत पहले भी किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।

अभिजीत और उनकी CJP पर सबसे बड़ा आरोप लग रहा है कि उनके पीछे एंटी नेशनल ताकतें और विदेशी फंडिंग है…

  • इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने रिपोर्ट किया, ‘भारतीय खुफिया एजेंसी IB ने CJP के X हैंडल को ब्लॉक करने का इनपुट दिया था। कहा गया कि इससे देश की संप्रभुता को खतरा है। ये हैंडल भड़काऊ कॉन्टेंट शेयर कर रहा है। ये कॉन्टेंट तेजी से देश के युवाओं के बीच मशहूर हो रहा था, जिससे देश की नेशनल सिक्योरिटी को खतरा हो सकता था।’
  • इसके बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने X को भारतीय कानून के तहत CJP के हैंडल पर भारत में रोक लगाने का निर्देश दिया। इसका इंस्टाग्राम अकाउंट भी ब्लॉक किया जा सकता है।
  • 22 मई को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने X पर लिखा, ‘अभिजीत आम आदमी पार्टी के वर्कर हैं। उनको बोस्टन जाने के लिए किसने पैसा दिया? क्या सोरोस फाउंडेशन उनके रहने-खाने का खर्च उठा रहा है? क्या विपक्षी दल देश को तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों से मदद ले रहे हैं?’
  • सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील महेश जेठमलानी ने भी कहा, ‘डीप स्टेट के जरिए एक पॉलिटिकल लैब प्रोजेक्ट चल रहा है। अमेरिका से एक वायरस प्लांट किया गया है। इसी तरह एक समय अरविंद केजरीवाल को भी मैन्यूफैक्चर किया गया था। अब वही लैब एक जेन-जी प्रोटोटाइप टेस्ट कर रही है। कॉकरोच जनता पार्टी राजनीतिक प्रभाव का एक्सपेरिमेंट है।’
  • सोशल मीडिया पर ये भी कहा गया कि CJP के इंस्टाग्राम पर ज्यादातर फॉलोअर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका जैसे देशों के हैं। भारत के सिर्फ 9% फॉलोअर्स हैं।

फाउंडर अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स का डेटा शेयर करते हुए पूछा- 94% भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बता रहे हो? अभिजीत किसी फंडिंग से भी इनकार कर रहे हैं।

नेपाल और बांग्लादेश जैसा जेन-जी आंदोलन भारत में होगा क्या, इस सवाल पर अभिजीत ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘नेपाल और बांग्लादेश से तुलना करके भारत के जेन-जी को कम न आंकें और न ही उनका अपमान करें। इस देश के युवा कहीं ज्यादा मैच्योर, जागरूक और राजनीतिक तौर पर सजग हैं। वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।’

22 मई को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुछ युवाओं ने कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

22 मई को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुछ युवाओं ने कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद शशि थरूर ने कहा, ‘लोकतंत्र में असहमति, हास्य, व्यंग्य और यहां तक कि हताशा व्यक्त करने के लिए भी मंचों की जरूरत होती है। अकाउंट को रोका जाना बेहद नुकसानदेह और समझदारी से परे है।’

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘ये फासीवाद है, लोकतंत्र नहीं। सरकार देश के युवाओं से इतनी डरी हुई है कि वह एक वर्चुअल ऑनलाइन मूवमेंट तक को बर्दाश्त नहीं कर पा रही।’

निष्कर्ष: फिलहाल सरकार के पास अभिजीत दीपके की विदेशी फंडिंग के कोई सबूत नहीं हैं। अगर मिलते हैं, तो इस पूरे मूवमेंट को फौरन खत्म किया जा सकता है। बिना किसी ठोस वजह के ऐसे अकाउंट बंद किए, तो प्रतिरोध झेलना पड़ेगा।

NEET पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई, बेरोजगारी और SIR में धांधली जैसे मुद्दों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत हुई। इसलिए बड़ा सवाल है कि क्या ये ऑनलाइन मूवमेंट कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव ला पाएगा…

  • दरअसल, इस तरह के मूवमेंट्स के लिए एक शब्द है- स्लैक्टिविज्म। इसमें स्लैकर का अर्थ है- आलसी और एक्टिविज्म का अर्थ है- कोई आंदोलन चलाना। विदेशों में इस तरह के कैंपेन चलाए गए हैं, लेकिन भारत में इस तरह के ऑनलाइन मूवमेंट के देर तक चलने का इतिहास नहीं है। जब तक उसे जमीन पर न उतारा जाए।
  • फिलहाल अभिजीत अमेरिका में रहते हैं। वो लिखते हैं- हमारा हेडक्वार्टर हर वो जगह है जहां वाई-फाई है। अभिजीत कहते हैं कि वो लगातार युवाओं से बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी बताना नहीं चाहते। उन्हें डर है कि इससे उन युवाओं के करियर पर असर न पड़े।
  • राजनीतिक शुरुआत के लिए उन्हें कम से कम 100 भारतीय सदस्य जुटाने होंगे। पार्टी का एक संविधान बनाना होगा, जिसमें नाम, उद्देश्य वगैरह हों। इसके बाद चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन देना होगा। अभिजीत ने ये भी कहा है कि वे किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं आएंगे। अगर विपक्ष उन्हें समर्थन देना चाहे तो उनका स्वागत है, लेकिन वो किसी पहले से बनी पार्टी से नहीं जुड़ेंगे।
  • जब अभिजीत दीपके से 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। आगे क्या करना है, यह साथियों से बातचीत करके और उनकी राय लेकर तय करेंगे।
अभिजीत के पेरेंट्स ने कहा है, ‘हम बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है। वह मशहूर हो गया है और ऐसे लोगों को अक्सर गिरफ्तार कर लिया जाता है।’

अभिजीत के पेरेंट्स ने कहा है, ‘हम बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है। वह मशहूर हो गया है और ऐसे लोगों को अक्सर गिरफ्तार कर लिया जाता है।’

ऑनलाइन फॉलोइंग का जमीनी सपोर्ट में बदलना काफी मुश्किल होता है। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर लड़े तेजिंदर बग्गा को सिर्फ 38 हजार वोट मिले थे, जबकि फेसबुक पर तब उनके 6.5 लाख फॉलोवर थे। यूट्यूबर मेघनाद 2025 में दिल्ली की मालवीय सीट से चुनाव लड़े थे। उन्हें कुल 192 वोट मिले थे जबकि 500 से ज्यादा वोट NOTA के थे।

अक्सर विवादित बयान देने वाले एक्टर एजाज खान बिग बॉस में आए थे। उनके 5.6 मिलियन फॉलोअर हैं। 2024 के मुंबई विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी की टिकट पर वर्सोवा से चुनाव लड़े थे, उन्हें कुल 155 वोट मिले थे।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट हर्षवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक, ‘CJP सोशल मीडिया पर माहौल बना सकती है, पॉलिटिकल पार्टी नहीं बन सकती। कॉकरोच पार्टी भारत में अल्पमृत्यु को प्राप्त होगी।’

हालांकि कई राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी एक तरह के अनरेस्ट का नतीजा है। इसके दूरगामी असर होंगे….

पॉलिटिक एनालिस्ट योगेंद्र यादव के मुताबिक, ‘देश के भीतर एक सुगबुगाहट और छटपटाहट है। जब भी कोई सरकार संस्थाओं पर कब्जा कर लेती है और पूर्णसत्ता स्थापित करती है, तब विद्रोह अनपेक्षित जगहों से पैदा होता है। जैसे- 1971 में इंदिरा गांधी की भारी जीत के बाद 1974 में जयप्रकाश आंदोलन शुरू हुआ। 2009 में कांग्रेस की जीत के बाद 2011 में अन्ना आंदोलन और 2019 में पीएम मोदी के दूसरी बार सत्ता में आने के 2 साल बाद किसान आंदोलन शुरू हुआ।’

पॉलिटिकल एनालिस्ट राशिद किदवई के मुताबिक,

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विपक्ष को यह सोचने की गलती नहीं करनी चाहिए कि कॉकरोच मूवमेंट सिर्फ बीजेपी के खिलाफ है। यह विपक्ष की भी नाकामी दिखाता है। युवाओं की नाराजगी सत्ताधारी दल के लिए है। इसका यह मतलब नहीं है कि विपक्ष में उनका विश्वास है।

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निष्कर्षः कॉकरोच जनता पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक बदलाव लाना अभी दूर की बात है। फिलहाल ये मूवमेंट कोई राजनीतिक पार्टी में बदल पाएगा, इसमें भी संशय है। इसने युवाओं के बीच फैले असंतोष को जरूर उघाड़ दिया है, जिसे किसी न किसी को तो एड्रेस करना ही पड़ेगा।

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BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…



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