भोपाल में अमित शाह का बड़ा कार्यक्रम, डेयरी विकास से नई न्याय संहिता तक कई परियोजनाओं की सौगात


भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 3 अक्टूबर को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नई आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में डेयरी, सहकारिता और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण, भूमि-पूजन और हितग्राहियों को लाभ वितरण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गोपालक एवं दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।
अमित शाह के भोपाल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनका स्वागत किया।
डेयरी क्षेत्र को मिली कई परियोजनाओं की सौगात
गोपालक सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने मध्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
भोपाल में करीब 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट/फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा करीब 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय डेयरी प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया।
वहीं शिवपुरी में करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया।
इसके साथ ही उज्जैन में करीब 255 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमि-पूजन किया गया।
इन परियोजनाओं को प्रदेश में दूध के उत्पादन, प्रसंस्करण और डेयरी उत्पादों की वैल्यू चेन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए 101 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की गई।
इसके अलावा भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को करीब 12 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया गया। सरकार की ओर से इसे दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया।
पांच गौपालक दीदियों का सम्मान
अमित शाह ने पशुपालन और गौपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पांच गौपालक दीदियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस दौरान पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े हितग्राहियों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभों की जानकारी भी साझा की।
मध्य प्रदेश को प्रमुख दुग्ध केंद्र बनाने का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और प्रदेश को देश के प्रमुख दुग्ध केंद्रों में शामिल करने के लक्ष्य पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में केंद्र सरकार मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
अमित शाह ने सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें दूध से बनने वाले विभिन्न उत्पादों की वैल्यू चेन से जोड़ने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसके प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है।
नई न्याय संहिता पर भी अमित शाह ने रखी बात
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नई आपराधिक न्याय व्यवस्था और नई आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने नई न्याय व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोरेंसिक जांच जैसे प्रावधानों के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है।
प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगों को नई आपराधिक न्याय व्यवस्था और उससे जुड़े प्रावधानों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डेयरी और पशुपालन को लेकर रखी सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रदेश के 80 लाख से अधिक गोपालकों का उल्लेख करते हुए डेयरी क्षेत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, लेकिन उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने गिर और साहीवाल जैसी उन्नत नस्लों को बढ़ावा देने और गौशालाओं के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि मेलों, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनियों और उन्नत कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता भी बताई।
मोर वन परियोजना के लिए एमओयू
कार्यक्रम के दौरान भोपाल में मोर वन/बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने को लेकर भी एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में KRIBHCO और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच एमओयू किया गया। परियोजना का उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना, जैव विविधता का संरक्षण करना और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना बताया गया।
IISER भोपाल में भी कार्यक्रम
भोपाल दौरे के दौरान अमित शाह ने भौंरी स्थित IISER भोपाल में विस्तारित ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास किया। इसके साथ ही संस्थान परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान के विस्तार को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया।
डेयरी, सहकारिता और शिक्षा पर रहा फोकस
अमित शाह के भोपाल दौरे के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में डेयरी और सहकारिता विकास, गोपालकों को आर्थिक सहायता, पशुपालन को बढ़ावा देने, नई न्याय संहिता के प्रति जागरूकता, जैव विविधता संरक्षण और उच्च शिक्षा से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
गोपालक सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दुग्ध उत्पादकों और गोपालकों ने हिस्सा लिया। सरकार की ओर से जारी सहायता और नई परियोजनाओं को प्रदेश के डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर प्रस्तुत किया गया।

