Summer Phone Blast Risk; Gadget Overheating Reasons, Protection & Cooling Methods

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3 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

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नौतपा में तापमान 45°C के आसपास पहुंच जाता है। इसका असर हमारे साथ–साथ हमारे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पड़ता है। वो भी ओवरहीट हो सकते हैं।

इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप, ईयरबड्स या पावर बैंक जल्दी गर्म होते हैं। इससे बैटरी डैमेज, लो परफॉर्मेंस या अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि-

  • हाई टेम्परेचर का गैजेट्स पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  • गैजेट्स को ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं?

एक्सपर्ट: आशीष जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर, NTPC

सवाल- फोन में हीट कैसे बनती है?

जवाब- आपने एनर्जी का एक प्रिंसिपल पढ़ा या सुना होगा, E = mc2 इसका मतलब होता है कि ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न खत्म होती है, ये सिर्फ बदल जाती है। हमारा फोन भी इसी प्रिसिंपल पर काम करता है। जब फोन यूज होता है तो बैटरी में स्टोर एनर्जी हीट में बदल जाती है।

सवाल- नौतपा में मोबाइल/गैजेट्स ज्यादा गर्म क्यों होते हैं?

जवाब- हीट का प्रिसिंपल होता है- ये ज्यादा से कम की ओर ट्रैवल करती है। नौतपा में बाहर का टेम्परेचर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में फोन गर्म होने पर ये हीट वातावरण में ट्रांसफर नहीं हो पाती है। इसलिए फोन ज्यादा गर्म होता है।

सवाल- किन गैजेट्स में ओवरहीटिंग का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- कुछ गैजेट्स में बैटरी और प्रोसेसर का कॉम्बिनेशन होता है, इससे हीट ज्यादा जेनरेट होती है। अगर ये लगातार इस्तेमाल हों तो ओवरहीटिंग का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसी सभी डिवाइस की लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- ओवरहीटिंग से गैजेट्स को क्या नुकसान हो सकता है?

जवाब- ये गैजेट की लाइफ कम कर सकती है। सभी नुकसान ग्राफिक में देखिए-

सवाल- गैजेट्स को ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं?

जवाब- गर्मियों में गैजेट्स को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या हीटिंग कम करने के लिए फोन की सेटिंग में कोई बदलाव कर सकते हैं?

जवाब- हां, फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करके हीट जनरेशन को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। जैसे-

  • डिस्प्ले फोन का बड़ा ‘हीट सोर्स’ है।
  • इसलिए स्क्रीन ब्राइटनेस कम रखें।
  • अगर जरूरी न हो तो रिफ्रेश रेट 60Hz पर सेट करें।
  • GPS/लोकेशन को हमेशा ऑन न रखें।
  • नेटवर्क सेटिंग्स ऑप्टिमाइज करें।
  • ब्लूटूथ, नियरबाई स्कैनिंग बंद रखें।
  • ये लगातार एक्टिव रहकर हीट बढ़ाते हैं।
  • बैकग्राउंड एप्स लिमिट करें।
  • गैर जरूरी एप्स बंद करें।
  • फास्ट चार्जिंग को जरूरत पड़ने पर ही यूज करें।
  • चार्जिंग ऑप्टिमाइजेशन/एडॉप्टिव चार्जिंग ON रखें।
  • चार्जिंग के दौरान सबसे ज्यादा हीट जेनरेट होती है।
  • गेम/हाई-परफॉर्मेंस मोड बंद करें, ये CPU-GPU को मैक्स पावर पर चलाते हैं। इससे हीट तेजी से बढ़ती है।
  • डार्क मोड ON रखें।
  • ऑटो एप अपडेट और लगातार sync को सीमित करें।

क्या न करें?

  • हर समय ‘बैटरी सेवर’ भी ऑन रखना जरूरी नहीं है।
  • कुछ फोन में इससे परफॉर्मेंस ड्रॉप होकर हीट स्पाइक आ सकते हैं।
  • अनजान ‘कूलिंग एप्स’ इंस्टॉल न करें। ये उल्टा बैकग्राउंड लोड बढ़ा देते हैं।

सवाल- फोन के गर्म होने की सामान्य लिमिट क्या है?

जवाब- फोन का हल्का गर्म होना सामान्य है। इसकी एक सेफ लिमिट होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • आमतौर पर 30°C से 40°C तक तापमान सामान्य माना जाता है।
  • गेमिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग या चार्जिंग के दौरान 40°C से 45°C तक पहुंचना भी ठीक है।

सवाल- कब समझें कि फोन ओवरहीट हो रहा है?

जवाब- यह समझने के लिए कुछ स्पष्ट संकेत होते हैं, जैसे-

  • अगर फोन असामान्य रूप से बहुत गर्म लगे (हाथ में पकड़ना मुश्किल हो जाए)।
  • बार-बार ‘टेम्परेचर टू हाई’ जैसी चेतावनी आए।
  • अचानक एप्स अपने-आप बंद होने लगें।
  • फोन स्लो होकर हैंग करने लगे।
  • कैमरा/फ्लैश काम करना बंद कर दे।
  • चार्जिंग अपने-आप रुक जाए या फोन खुद ही शटडाउन/रीस्टार्ट हो जाए

तो यह साफ संकेत है कि डिवाइस सेफ टेम्परेचर से ऊपर जा चुका है और ओवरहीट हो रहा है।

सवाल- लोग फोन चार्ज करते हुए कौन-सी कॉमन गलतियां करते हैं?

जवाब- लोग फोन चार्ज करते हुए कुछ कॉमन गलतियां कर देते हैं। इस वजह से फोन डैमेज होने का रिस्क बढ़ जाता है। ग्राफिक में सभी गलतियां देखिए-

सवाल- क्या तेज धूप में फोन इस्तेमाल करना खतरनाक है?

जवाब- हां, सीधी धूप में फोन की बॉडी और स्क्रीन तेजी से गर्म हो जाती है। इससे इंटरनल टेम्परेचर सेफ लिमिट (लगभग 40–45°C) से ऊपर जा सकता है। इस वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे-

  • ओवरहीटिंग
  • बैटरी पर प्रेशर
  • परफॉर्मेंस स्लो होना
  • अचानक एप्स बंद होना या फोन का शटडाउन होना
  • लंबे समय तक ऐसा करने पर बैटरी भी जल्दी खराब होती है।

सवाल- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए तो उसे ठंडा कैसे करें?

जवाब- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए, तो उसे तुरंत ‘कूल डाउन’ करने के लिए कुछ सही कदम उठाने जरूरी हैें जैसे-

  • सबसे पहले फोन का इस्तेमाल बंद करें।
  • हवादार जगह पर रख दें।
  • कवर/केस हटा दें ताकि हीट जल्दी बाहर निकल सके।
  • अगर चार्जिंग पर लगा है तो तुरंत हटा दें।
  • बैकग्राउंड एप्स बंद कर दें या जरूरत पड़े तो फोन को कुछ देर के लिए स्विच ऑफ/एयरप्लेन मोड में रख दें।

ध्यान रखें कि

  • सीधे AC के सामने या पानी के संपर्क में न रखें। इससे अंदर कंडेन्सेशन (नमी) बन सकती है और डैमेज हो सकता है।
  • धीरे-धीरे नेचुरल तरीके से ठंडा करना ही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है।

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