K-Pop Girl Band; Sriya Lenka Struggle Success Story – Blackswan Group

9 Min Read


बात 2020 की है। ओडिशा के झारसुगुड़ा की रहने वाली श्रिया लेंका म्यूजिक इंडस्ट्री में करियर तलाश रही थीं। कई रियलिटी शो के ऑडिशन दिए, शुरुआती राउंड में सिलेक्ट हुईं, लेकिन आखिर में रिजेक्शन मिला। नवंबर 2020 में कोरियन पॉप बैंड ब्लैकस्वान ने एक नए मेंबर

.

श्रिया को इसके बारे में एक दोस्त से पता चला। घर में प्रैक्टिस शुरू की। 40 हजार दावेदारों के बीच ऑडिशन के 4 राउंड पास किए और ब्लैकस्वान बैंड में सिलेक्ट होकर सबको चौंका दिया। 26 मई 2022 को वो भारत की पहली के-पॉप स्टार बन गईं।

कोरिया में पिछले 3 साल से इसी बैंड का हिस्सा हैं। एक शो की 6 लाख रुपए फीस लेती हैं। 19 अप्रैल को जब साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ली जे-म्युंग भारत दौरे पर आए, तो वो भी श्रिया का जिक्र करना नहीं भूले। हालांकि, श्रिया का के-पॉप बैंड तक पहुंचने का ये सफर आसान नहीं था।

कोरियन पॉप बैंड ब्लैकस्वान के साथ परफॉर्म करतीं ओडिशा की श्रिया लेंका।

कोरियन पॉप बैंड ब्लैकस्वान के साथ परफॉर्म करतीं ओडिशा की श्रिया लेंका।

ट्रेनिंग के लिए हर हफ्ते राउरकेला जाना और टिकट के पैसे नहीं

राउरकेला में जन्मीं श्रिया की पढ़ाई-लिखाई झारसुगुड़ा में हुई। यहीं ओडिशी डांस सीखा। फ्रीस्टाइल डांस के लिए कोई टीचर नहीं मिला, तो पापा के साथ वीकेंड पर दो दिन राउरकेला जाकर ट्रेनिंग ली। श्रिया मिडिल क्लास फैमिली से हैं, इसलिए पैसों की तंगी हमेशा साए की तरह साथ रही।

वे बताती हैं, ‘कई बार सफर के लिए टिकट के पैसे नहीं होते थे। ट्रेन की जनरल बोगी में भी सफर करना मुश्किल था। तब पापा मुझे गोद लेकर खड़े-खड़े सफर करते, ताकि प्रैक्टिस न छूटे।’

पिता के साथ के-पॉप स्टार श्रिया लेंका के बचपन की फोटो।

पिता के साथ के-पॉप स्टार श्रिया लेंका के बचपन की फोटो।

40 रियलिटी शोज से रिजेक्ट हुईं, तब पापा ने बढ़ाया हौसला श्रिया ने डांस सीखते हुए ‘डांस इंडिया डांस’ जैसे कई बड़े रियलिटी शोज में ऑडिशन दिए। शुरुआती राउंड पास कर लेतीं, लेकिन आखिर में रिजेक्ट कर दिया जाता। श्रिया करीब 40 रियलिटी शोज से बाहर हुईं।

वे बताती हैं, ‘जहां भी ऑडिशन दिए, रिजेक्शन ही मिला। इन शोज में कई बार भेदभाव भी देखा, क्योंकि यहां टैलेंट से ज्यादा कंटेस्टेंट्स की ‘स्ट्रगल स्टोरी’ और रोने-धोने वाली कहानियों को अहमियत दी जाती थी। डांस कितना भी अच्छा हो, लेकिन अगर आपके पास रोने वाली कोई कहानी नहीं है, तो आप पीछे रह जाते हैं।’

’हम जब भी किसी रियलिटी शो के लिए फॉर्म भरते, तो पापा ‘फैमिली स्ट्रगल’ जैसे कॉलम खाली छोड़ देते। मैंने एक बार पूछा भी कि हम अपनी परेशानियां क्यों नहीं लिख रहे, तब पापा कहते कि मैं नहीं चाहता कि कोई तुम पर दया करके या हमदर्दी दिखाकर आगे बढ़ाए। तुम अपने डांस और टैलेंट के दम पर आगे बढ़ो।’

कोरोना में डांस क्लास बंद हुई, लेकिन श्रिया का सफर शुरू रियलिटी शोज में रिजेक्शन से श्रिया निराश थी। कोरोना के चलते 2020 में लॉकडाउन लगा और उसकी डांस क्लासेज भी बंद हो गईं। पिता प्राइवेट नौकरी करते थे, वो भी छूट गई। तब श्रिया ने डांस छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन पापा ने हिम्मत बढ़ाई।’

पिता अबिनाश लेंका ने श्रिया से कहा, ‘अगर तुम सही हो, तो किसी की बातों पर गौर मत करो, बस मेहनत करती जाओ। मैं तुम्हारे चेहरे पर अपनी जीत देखता हूं। अब तुम तय करो कि मुझे जिताना है या हराना?‘

’इसी बीच दोस्तों से के-पॉप के ऑडिशन का पता चला। उन्होंने बताया कि साउथ कोरिया की कंपनी डीआर म्यूजिक अपने ग्लोबल गर्ल ग्रुप ‘ब्लैकस्वान’ के लिए नया मेंबर तलाश रही है। तब तक मैं के-पॉप के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती थी। दोस्तों और बहनों के साथ मिलकर इसकी जानकारी जुटाई और इसे जिंदगी का आखिरी मौका मान लिया।’

श्रिया आगे चलकर के-पॉप और आई-पॉप को मिलाकर फ्यूजन परफॉर्मेंस तैयार करें, जो भारत और साउथ कोरिया के कल्चर को साथ जोड़ें।

श्रिया आगे चलकर के-पॉप और आई-पॉप को मिलाकर फ्यूजन परफॉर्मेंस तैयार करें, जो भारत और साउथ कोरिया के कल्चर को साथ जोड़ें।

6 घंटे डांस मूव्स, 8 घंटे वोकल की प्रैक्टिस, तब हुआ सिलेक्शन ऑडिशन की तैयारी के लिए श्रिया ने अपने कमरे को ट्रेनिंग सेंटर बनाया और घर की छत को स्टेज। तपती गर्मी में छत पर 13-14 घंटे स्टंट्स और डांस की प्रैक्टिस करतीं। हालांकि के-पॉप का हिस्सा बनने के लिए सिर्फ डांस आना काफी नहीं था। कोरियन भाषा, उसका एक्सेंट सीखना और वोकल्स बेहतर करना भी जरूरी था। वो देर रात तक कोरियन गाने सुनकर उनकी लिरिक्स लिखती, फिर इंटरनेट पर कोरियन बोलना सीखतीं।

श्रिया बताती हैं, ’के-पॉप में ऑडिशन देने का मतलब था कि कोरियोग्राफ्ड डांस के साथ लाइव सिंगिंग भी करना। सिलेक्शन से पहले मैं रोज दिन में 8 घंटे सिर्फ वोकल की प्रैक्टिस करती। फिर 6 घंटे अपने डांस मूव्स परफेक्ट करती। एक सीट के लिए दुनियाभर से 40 हजार लड़कियां मुकाबला कर रही थीं, इसलिए मेरे पास चूकने का कोई मौका नहीं था।’

’करीब 4 राउंड वर्चुअल ऑडिशन हुए। एक के बाद एक सब पास किए। आखिरी राउंड में मुकाबला ब्राजील की गैब्रिएला डाल्सिन से था, वो भी जीत लिया। मई 2022 में जब फाइनल सिलेक्शन का कॉल आया, तो घर में खुशी का ठिकाना नहीं था।’

के-पॉप बैंड में श्रिया के सिलेक्शन के वक्त की फोटो।

के-पॉप बैंड में श्रिया के सिलेक्शन के वक्त की फोटो।

अकेले कोरिया भेजने के लिए तैयार नहीं थी मां श्रिया आगे बताती हैं, ‘अब ट्रेनिंग के लिए मुझे अकेले साउथ कोरिया जाना था। तब मेरी उम्र सिर्फ 18 साल थी। मां अकेले भेजने के लिए तैयार ही नहीं थीं। वो साफ कहतीं कि जो करना है, भारत में करो, अकेले बाहर नहीं जाओगी।‘

‘तब पापा ने परिवार के साथ मिलकर मां से झूठ बोला। उन्हें बताया गया कि पापा भी मेरे साथ कोरिया जा रहे हैं। वो दिल्ली तक साथ गए, लेकिन वहां से आगे का सफर मैंने अकेले तय किया। मां को जब सच पता चला, तो पहले नाराज हुईं, लेकिन मुझे सेफ देखकर गुस्सा शांत हो गया।‘

पिता अबिनाश और मां प्रिया के साथ श्रिया की फोटो।

पिता अबिनाश और मां प्रिया के साथ श्रिया की फोटो।

वे आगे बताती हैं, ’असली इम्तिहान कोरिया पहुंचने के बाद शुरू हुआ। यहां मुश्किल ट्रेनिंग से गुजरना था, जिसके लिए पूरी लाइफस्टाइल बदलनी थी। मुझे सख्त डाइट चार्ट दिया गया। सुबह 4 बजे उठना और बॉडी स्ट्रेचिंग करनी। फिर कोरियन लैंग्वेज की एडवांस क्लासेस, वोकल ट्रेनिंग और रात 11-12 बजे तक डांस सिंक्रोनाइजेशन की प्रैक्टिस चलती।’

एक साल की ट्रेनिंग के बाद 19 मई 2023 को श्रिया की बैंड के साथ ऑफिशियल लॉन्चिंग हुई। वो अब भी साउथ कोरिया में हैं और डीआर म्यूजिक के ब्लैकस्वान बैंड के साथ लगातार शोज कर रही हैं। डीआर म्यूजिक की तरफ से उन्हें एक शो की 6 लाख रुपए फीस मिलती है। तीन साल में श्रिया की नेट वर्थ करीब 7 करोड़ हो गई है।

उनकी कामयाबी पर पिता अबिनाश कहते हैं, ‘अच्छा हुआ श्रिया उन रियलिटी शोज में सिलेक्ट नहीं हुई, अगर सिलेक्ट हो जाती, तो भारत की पहली के-पॉप आइडल बनकर इतिहास नहीं बना पाती। उसकी किस्मत में कुछ बड़ा करना लिखा था।‘

……………….

ओडिशा की ये खबर भी पढ़ें…

19 हजार के लिए कंकाल निकाला, अब मिले 15 लाख

जीतू मुंडा, उम्र 52 साल। बदन पर सिर्फ एक कपड़ा। कंधे पर बड़ी बहन कलरा का कंकाल। कलरा के बैंक अकाउंट में 19,400 रुपए जमा थे। उनकी मौत के बाद जीतू 27 अप्रैल को पैसे निकालने बैंक पहुंचे। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने कहा कि बहन को लाओ, तभी पैसे मिलेंगे। जीतू ने कब्र से बहन का कंकाल निकाला और तीन किमी दूर बैंक लेकर आ गए। मामला ओडिशा के क्योंझर जिले के दियानाली गांव का है। पढ़िए पूरी खबर…



Source link

Share This Article
Leave a Comment