ग्वालियर: आवारा कुत्ते ने नाबालिग बच्चे के चेहरे पर किया जानलेवा हमला, गाल का मांस नोचा; घायल अली ने बताया- चीज लेने जा रहा था, कुत्ते ने पटक लिया

मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के अवदपुरा इलाके में एक आवारा कुत्ते ने एक नाबालिग बच्चे पर अचानक और बेहद खतरनाक तरीके से हमला कर दिया। इस भयंकर हमले में बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं। कुत्ते ने बच्चे के चेहरे पर सीधा वार किया और उसके गाल का मांस तक नोच लिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है। घायल बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना ग्वालियर के अवदपुरा क्षेत्र की है। पीड़ित नाबालिग बच्चे का नाम अली बताया जा रहा है। अली अपने घर के पास किसी काम से निकला था कि तभी अचानक एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला बोल दिया। हमले की प्रकृति इतनी तेज और हिंसक थी कि बच्चे को संभलने या खुद को बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका। कुत्ते ने बच्चे को जमीन पर पटक दिया और उसके चेहरे को अपना निशाना बनाया। सबसे भयावह बात यह रही कि कुत्ते ने बच्चे के गाल को अपने दांतों से बुरी तरह नोच लिया, जिससे गाल का मांस फट गया और बच्चे को भारी रक्तस्राव हुआ।
घायल नाबालिग अली ने अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि वह घर से किसी चीज को लेने के लिए जा रहा था। रास्ते में अचानक एक आवारा कुत्ता आया और उसने बिना किसी उकसावे के हमला कर दिया। अली ने कहा, “मैं चीज लेने जा रहा था, कुत्ते ने मुझे पटक लिया और मेरे गाल का मांस तक नोच लिया।” बच्चे की इस दर्दभरी बात ने वहां मौजूद लोगों और परिजनों को झकझोर कर रख दिया। अली को इस हमले से काफी मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचा है।
जैसे ही इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों और बच्चे के परिजनों को लगी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद आवारा कुत्ते को बच्चे से दूर हटाया। इसके बाद घायल अली को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे के चेहरे और गाल के गहरे घावों का उपचार शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक, बच्चे का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। कुत्ते के काटने की घटनाओं में रेबीज जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा रहता है, इसलिए बच्चे को आवश्यक टीके और एंटी-रैबीज वैक्सीन दी जा रही है।
अवदपुरा इलाके में आवारा कुत्तों द्वारा किए गए इस खतरनाक हमले ने स्थानीय निवासियों में गहरा भय पैदा कर दिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था, लेकिन प्रशासन या नगर निगम की ओर से इन आवारा पशुओं को पकड़ने या उनका टीकाकरण करने जैसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब एक मासूम बच्चे को अपना चेहरा और गाल गंवाने जैसी गंभीर चोट का सामना करना पड़ा है, तो लोगों का गुस्सा प्रशासन की ओर बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि अवदपुरा और आसपास के क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई और दुर्भाग्यपूर्ण घटना न घट सके।
गौरतलब है कि ग्वालियर शहर सहित पूरे मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। आए दिन छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इन आवारा पशुओं का शिकार बन रहे हैं। कई बार तो ऐसे हमले जानलेवा साबित होते हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के पास आवारा पशुओं की नसबंदी और टीकाकरण (एबीसी-एआरवी कार्यक्रम) की जिम्मेदारी होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन में अक्सर कमी देखने को मिलती है। अवदपुरा की यह ताजा घटना इसी व्यवस्थागत चूक की तरफ इशारा करती है।
वर्तमान में घायल बच्चे अली की हालत को लेकर अस्पताल प्रशासन से कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, हालांकि उसका उपचार जारी है। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। यह देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है। वहीं, बच्चे के परिजन इस हादसे से सदमे में हैं और उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा बच्चे के समुचित इलाज की मांग की है।

