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Sun, Oct 4, 2026Updated 3:58 PM IST
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छतरपुर: सावरी माता मंदिर में 9-10 साल की दो बच्चियों से छेड़छाड़, टॉफी का लालच देकर पास बिठाया; महिलाओं ने आरोपी को चप्पलों और डंडों से पीटा

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। महाराजपुर थाना क्षेत्र में स्थित सावरी माता मंदिर परिसर में 9 और 10 साल की दो मासूम बच्चियों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की घटना हुई। इस घटना के बाद गुस्साई महिलाओं ने आरोपी नंदकिशोर सोनी को पकड़ लिया और उसे लाठी, डंडों तथा चप्पलों से जमकर पीटा। महिलाओं द्वारा आरोपी की पिटाई किए जाने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह जमीन पर पड़ा दिखाई दे रहा है और आसपास खड़ी महिलाएं उस पर प्रहार कर रही हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सावरी माता मंदिर में घटी। मंदिर परिसर में मौजूद 9 और 10 वर्ष की दो नाबालिग बच्चियों को आरोपी नंदकिशोर सोनी ने निशाना बनाया। आरोपी ने दोनों मासूम बच्चियों को टॉफी का लालच दिया और उन्हें अपने पास बैठने के लिए कहा। इसके बाद उसने बच्चियों के साथ कथित तौर पर ‘बैड टच’ यानी अनुचित स्पर्श किया। जब बच्चियों ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों और आसपास मौजूद लोगों को दी, तो मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मौजूद महिलाओं का भारी जमावड़ा लग गया। बच्चियों के साथ हुई इस शर्मनाक हरकत से महिलाएं बेहद आक्रोशित हो गईं। गुस्से में भराई महिलाओं ने आरोपी नंदकिशोर सोनी को वहीं दबोच लिया। इसके बाद महिलाओं ने हाथों में लाठी, डंडे और चप्पलें लेकर आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। महिलाओं ने उसे तब तक पीटा जब तक कि वह जमीन पर गिर नहीं गया। इस दौरान कई लोगों ने मोबाइल फोन से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि महिलाएं किस तरह से आरोपी को सबक सिखा रही हैं।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर भी बच्चियों के साथ इस तरह की घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं। सावरी माता मंदिर जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल पर, जहां परिवार अपने बच्चों के साथ दर्शन के लिए आते हैं, इस प्रकार की घटना ने लोगों में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है।

आरोपी नंदकिशोर सोनी की पहचान होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। महिलाओं द्वारा की गई पिटाई के बाद स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी गई। महाराजपुर थाना पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने आरोपी को महिलाओं के चंगुल से कब और कैसे बाहर निकाला, लेकिन उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

बच्चियों के साथ छेड़छाड़ के ऐसे मामलों में कानून भी बेहद सख्त है। भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से छेड़छाड़ या यौन अपराध करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं। 9 और 10 साल की बच्चियों के साथ हुई इस घटना में यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी नंदकिशोर सोनी को लंबी सजा का सामना करना पड़ सकता है। पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे अपराधों में जमानत मिलना भी अत्यंत कठिन होता है और मामला विशेष न्यायालय में तेजी से चलाने का प्रावधान है।

महिलाओं द्वारा कानून हाथ में लेकर आरोपी की पिटाई किए जाने पर भी चर्चा हो रही है। एक तरफ जहां लोगों का मानना है कि बच्चियों के साथ ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले व्यक्ति के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी अपराधी को सजा देने का अधिकार केवल कानून और न्यायपालिका को है। भीड़ द्वारा हिंसा या पिटाई किए जाने से कई बार कानूनी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल, छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में घटी यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वह इस मामले में तेजी से जांच पूरी करेगी और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के लिए एक कड़ी मिसाल कायम हो सके। बच्चियों के परिजनों को भी न्याय मिले, इस दिशा में प्रशासन से त्वरित कदम उठाने की मांग की जा रही है।