पट्टा-नामांतरण में देरी पर कलेक्टर हुए नाराज:लापरवाह कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, नगर परिषद में अनियमितताएं आई सामने

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करौली में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने नगर परिषद का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं के कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने पट्टा, नामांतरण और भवन स्वीकृति से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी और प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आने पर कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गोदारा ने लापरवाही बरतने वाले संबंधित कार्मिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने तथा उसे संबंधित शाखा से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने पट्टा जारी करने, भवन स्वीकृति, भवन अनुज्ञा और अन्य प्रशासनिक पत्रावलियों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। आवेदकों ने की शिकायत
कलेक्टर ने 5 से 7 पट्टा आवेदकों से सीधे बातचीत कर उनके प्रकरणों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान आवेदकों ने पट्टा जारी करने में हो रही अनावश्यक देरी और समय पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। जांच में पट्टा प्रकरणों को बिना कारण लंबित रखना, नामांतरण प्रकरण नहीं खोलना, अनावश्यक आपत्तियां लगाना तथा संबंधित आवेदकों को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराना जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इस पर जिला कलेक्टर ने जिम्मेदार कार्मिक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। लापरवाह कर्मचारी को अन्य शाखा में लगाने के निर्देश
उन्होंने नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा को संबंधित कार्मिक को तत्काल पट्टा एवं नामांतरण शाखा से हटाकर अन्य शाखा में लगाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएं। उन्होंने किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने तथा अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम नगरीय सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



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