Rahul Gandhi Calls Students Anti-National for CBSE Queries

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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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राहुल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CBSE छात्रों के साथ बातचीत का वीडियो पोस्ट किया। - Dainik Bhaskar

राहुल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर CBSE छात्रों के साथ बातचीत का वीडियो पोस्ट किया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छात्रों के साथ बातचीत का वीडियो पोस्ट किया और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा।

वीडियो में राहुल छात्रों से उनकी परेशानी के बारे में पूछते आए। राहुल ने कहा- स्टूडेंट्स ने CBSE और मोदी सरकार से सिर्फ कुछ आसान सवाल पूछे थे, लेकिन जवाब के बजाय उनका अपमान किया गया। उन्हें एंटी-नेशनल और आतंकवाद जैसे तमगे दिए गए।

राहुल ने जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर जो स्कैन की गई कॉपी अपलोड की गईं, वे उनकी नहीं थीं। वेदांत के बाद कई अन्य छात्र भी ऐसी शिकायतें लेकर सामने आए थे।

30 मई : राहुल बोले- सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती

इससे पहले राहुल ने 30 मई को भी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सरकार से सवाल किए थे। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा- NEET, CBSE, SSC और CUET। एक करोड़ बच्चे और 4 परीक्षाएं। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।

उन्होंने आगे कहा- सरकार विश्वगुरु बनने के दावे करती है, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकती। पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है। सरकार जिस पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर रही है, वही पीढ़ी हिसाब करेगी।

CBSE 12वीं OSM-री-इवैल्यूएशन विवाद: टाइमलाइन

  • 15 फरवरी – 4 अप्रैल 2026CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कीं। इस साल पहली बार कॉपियां OSM (On-Screen Marking) सिस्टम के जरिए डिजिटल रूप से जांची गईं।
  • 13 मई 2026CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया। पिछले साल 88.39% के मुकाबले इस बार 85.2% स्टूडेंट्स ही पास हुए। कई छात्रों ने उम्मीद से कम अंक मिलने की शिकायत की।
  • 19 मई 2026CBSE ने छात्रों को अपनी स्कैन की गई कॉपियां देखने और री-इवैल्यूशन के लिए आवेदन करने की सुविधा दी। शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आ गए। फिर साइट क्रैश हो गई।
  • 23–24 मई 2026कई छात्रों ने दावा किया कि पोर्टल पर दिखाई गई कॉपी उनकी नहीं हैं। छात्र वेदांत की पोस्ट वायरल हुई, जिसमें उसने कहा कि फिजिक्स की कॉपी किसी दूसरे छात्र की अपलोड हो गई है।
  • 24-26 मई 2026कई अन्य छात्रों ने भी कॉपी मिसमैच, गलत स्कैनिंग और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतें सोशल मीडिया पर शेयर कीं।
  • 26–27 मई 2026CBSE ने संबंधित छात्रों से संपर्क कर उनकी सही कॉपी उपलब्ध कराईं। बोर्ड ने कहा कि कॉपी मिलान और री-इवैल्यूशन से जुड़ी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया है।

राहुल ने OSM का काम करने वाली कंपनी पर भी सवाल उठाए

राहुल गांधी ने 27 मई को अपना एक वीडियो जारी करते हुए OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था।

राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं।

CBSE ने कहा- कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों का पालन हुआ

हालांकि, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उल्टा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं।

COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप

COEMPT एडूटेक तेलंगाना के दराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था।

तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे।

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