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Tue, Oct 6, 2026Updated 1:22 AM IST
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भिंड: लहार में शराब के नशे में विवाद के बाद फायरिंग, युवक की जांघ में लगी गोली; ग्वालियर रेफर

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मध्य प्रदेश के भिंड जिले के लहार कस्बे में रविवार शाम को शराब के नशे में हुए एक विवाद के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई है। इस गोलीबारी में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान भीकमपुरा निवासी बिक्कू उर्फ विवेक सिंह राजावत के रूप में हुई है। उसे उपचार के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज और हालत की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर सुविधाओं के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है। यह पूरी घटना लहार क्षेत्र के पुरानी चुंगी इलाके में हुई, जहां दो पक्षों के बीच कहासुनी हिंसक रूप ले चुकी थी।

स्थानीय सूत्रों और प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, यह विवाद मुख्य रूप से शराब के नशे की वजह से शुरू हुआ था। रविवार की शाम का समय था जब पुरानी चुंगी के पास कुछ लोग मौजूद थे। इसी दौरान नशे की हालत में बातचीत का स्वरूप बदला और देखते ही देखते मामला तूल पकड़ लिया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि उसका परिणाम फायरिंग के रूप में सामने आया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर वहां अफरा-तफरी मच गई। इस गोलीबारी में विवेक सिंह राजावत की जांघ में गोली लग गई, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और खून बहने लगा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन हरकत में आए। घायल विवेक सिंह राजावत को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद पाया कि जांघ में लगी गोली के कारण उन्हें विशेषज्ञ देखरेख की आवश्यकता है। लहार के स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे में सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए, डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए उसे ग्वालियर के उच्च स्तरीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। वर्तमान में घायल युवक ग्वालियर में उपचाराधीन है और उसकी सटीक चिकित्सीय स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतिक्षित है।

भिंड जिले में, और विशेषकर लहार जैसे कस्बाई क्षेत्रों में, शराब से जुड़े विवादों का हिंसक रूप लेना कोई नई बात नहीं है। हालांकि, रविवार शाम को हुई यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर अवैध हथियारों या लाइसेंसी असलहे के दुरुपयोग का संकेत मिलता है। पुलिस प्रशासन के लिए अब यह चुनौती है कि वे यह पता लगाएं कि फायरिंग किसने की, क्या आरोपी के पास हथियार का वैध लाइसेंस था, और क्या यह घटना पूर्व नियोजित थी या मात्र नशे में हुए आवेश का परिणाम थी। पुरानी चुंगी क्षेत्र, जो कि लहार का एक व्यस्त और संवेदनशील इलाका माना जाता है, में ऐसी घटनाएं स्थानीय कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और संभावित गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। चूंकि विवाद शराब के नशे में हुआ था, इसलिए पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की आपूर्ति कहाँ से हुई थी और क्या इसमें किसी अवैध शराब कारोबार का लिंक है। अक्सर ऐसे मामलों में नशे की लत और अवैध शराब की बिक्री एक-दूसरे से जुड़ी होती है, जो छोटे-मोटे विवादों को जानलेवा बना देती है। विवेक सिंह राजावत पर हमला करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करना पुलिस की प्राथमिकता है ताकि कानूनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भी दहशत और चिंता पैदा कर दी है। रविवार की शाम, जो आम तौर पर लोगों के लिए आराम और सामाजिक मेल-जोल का समय होता है, उस समय हुई गोलीबारी ने सुरक्षा की भावना को ठेस पहुंचाई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुरानी चुंगी और आसपास के क्षेत्रों में नशेड़ी तत्वों की सक्रियता बढ़ी है, जिस पर प्रशासनिक नकेल कसने की जरूरत है। यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं, दूसरी ओर, घायल विवेक सिंह राजावत के परिवार और परिजन ग्वालियर अस्पताल में उसकी सलामती की कामना कर रहे हैं। उनके उपचार का खर्च और कानूनी लड़ाई आगे कैसे चलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष से औपचारिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे ही मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य उपलब्ध होंगे, मामले में आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। भिंड पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी इस मामले में नियमित अपडेट की उम्मीद है ताकि जनता में विश्वास बना रहे कि कानून अपना काम कर रहा है।

कुल मिलाकर, लहार की यह घटना मध्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शराब, हथियार और कानून व्यवस्था के त्रिआयामी संबंधों को उजागर करती है। जब तक नशे की लत, अवैध हथियारों की उपलब्धता और विवाद समाधान की कमजोर सामाजिक प्रणाली पर ठोस कार्यवाही नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे समाचार पत्रों की सुर्खियां बनते रहेंगे। फिलहाल, सभी की निगाहें ग्वालियर में भर्ती विवेक सिंह राजावत के स्वास्थ्य लाभ और पुलिस द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं। प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे केवल इस एक मामले में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाएं।