पांडवेश्वर जंक्शन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का शुभारंभ, यात्री सुरक्षा और रेल संचालन होगा और मजबूत।

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पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल अंतर्गत पांडवेश्वर जंक्शन पर शनिवार को नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। शाम 4 बजकर 31 मिनट पर शुरू हुए इस कार्य को रेल यात्री सुरक्षा बढ़ाने और रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

यह कार्य आसनसोल मंडल में सिगनलिंग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण का हिस्सा है। इसके तहत पांडवेश्वर जंक्शन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जिससे परिचालन की विश्वसनीयता और दक्षता में सुधार होगा।

सुरक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अंडाल–साईंथिया जंक्शन सेक्शन पर स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 8/C/E को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब सड़क यातायात को नवनिर्मित सीमित ऊंचाई वाले सबवे और विकसित संपर्क मार्गों के माध्यम से डायवर्ट किया गया है। इससे मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग से होने वाले हादसों की आशंका समाप्त होगी।

इसके अलावा उखरा वेस्ट केबिन और पांडवेश्वर जंक्शन के बीच सिगनलिंग और संचार प्रणालियों को भी उन्नत किया गया है। दोनों लाइनों पर पुराने ब्लॉक इंस्ट्रूमेंट्स को नई उन्नत प्रणालियों से बदला गया है, वहीं पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं ताकि ट्रेन परिचालन निर्बाध रूप से हो सके।रेल प्रशासन के अनुसार, यह नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य आसनसोल मंडल की आधुनिक तकनीक अपनाने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर रेल सेवा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में भी इस तरह की परियोजनाओं के जरिए रेल नेटवर्क को और सुरक्षित एवं कुशल बनाया जाएगा।

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