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Mon, Oct 5, 2026Updated 10:20 PM IST
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गुना में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का तंज, बोले- जिलाधीश तोड़ रहे थे अतिक्रमण, फिर ऊपर से बज गई घंटी

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वन्दे भारत न्यूज़, गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में पिछले दो दिनों से प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान और सफाई मुहिम को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। गुना से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पन्नालाल शाक्य ने इस अभियान और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलेआम सवाल उठाते हुए तंज कसा है। उन्होंने नगरपालिका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही, जिसके बाद जिले में राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

नगरपालिका में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने जिला प्रशासन और अतिक्रमण हटाने की मुहिम पर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अपने जिले में तो जिलाधीश महोदय मेहरबान हैं, वो तो चाहे जब कैंप लगवा देते हैं। विधायक ने आगे कहा कि जिलाधीश अतिक्रमण तोड़ रहे थे, फिर ऊपर से घंटी बज गई कि ये क्या कर रहे हो। उनका यह बयान सीधे तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई में किसी प्रकार के दबाव या हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है। हालांकि, उन्होंने ‘ऊपर से घंटी बजने’ वाले बयान में किसकी ओर संकेत किया है, इसे लेकर कोई स्पष्ट नाम नहीं लिया गया है, लेकिन उनके शब्दों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ज्ञात हो कि गुना जिले में पिछले दो दिनों से नगरपालिका और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में अतिक्रमण हटाओ अभियान और सफाई मुहिम चलाई जा रही थी। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में सरकारी भूमि और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। आम तौर पर ऐसे अभियानों को जनहित में चलाया जाता है ताकि शहर की सड़कें चौड़ी हो सकें, ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे और सरकारी जमीन पर माफियाओं का कब्जा खत्म किया जा सके। लेकिन सत्ताधारी दल के ही विधायक द्वारा इस अभियान पर उठाए गए सवालों ने इसे एक राजनीतिक विवाद का रूप दे दिया है।

विधायक पन्नालाल शाक्य के इस बयान के कई राजनीतिक और प्रशासनिक मायने निकाले जा रहे हैं। एक तरफ जहां प्रशासन नियम-कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि की ओर से ऐसी टिप्पणी आना प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी असहज स्थिति पैदा करने वाला माना जा रहा है। विधायक ने जिलाधीश को ‘मेहरबान’ कहकर जो व्यंग्य किया है, उससे यह संदेश गया है कि प्रशासन अपनी मर्जी से कभी भी कैंप लगाकर कार्रवाई कर देता है, लेकिन जब वास्तव में अतिक्रमण हटाने की बारी आती है तो ऊपर से रोक लग जाती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। जब प्रशासन बुलडोजर या अन्य उपकरणों से अवैध निर्माण गिराता है, तो स्थानीय स्तर पर व्यापारियों, दुकानदारों या उन लोगों का विरोध सामने आता है जिनका कब्जा हटाया जा रहा होता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधि अक्सर जनभावनाओं और वोट बैंक की राजनीति को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते देखे गए हैं। गुना में भी कुछ ऐसा ही परिदृश्य बनता दिखाई दे रहा है, जहां भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार के अधीन काम कर रहे जिला प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसा है।

इस पूरे मामले में सबसे ध्यान देने योग्य बात यह है कि विधायक पन्नालाल शाक्य ने नगरपालिका के मंच से यह बात कही है। नगरपालिका शहर की सफाई, जल व्यवस्था और अतिक्रमण मुक्त सड़कों के लिए जिम्मेदार निकाय होती है। ऐसे में नगरपालिका के ही किसी कार्यक्रम में विधायक द्वारा अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर सवाल उठाना नगरपालिका अधिकारियों के मनोबल पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

फिलहाल, विधायक के इस बयान के बाद जिला प्रशासन या जिलाधीश कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विधायक के इस तंज के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान को और तेज किया जाएगा या फिर इसमें कोई ढील दी जाएगी। स्रोत में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विधायक ने अपने संबोधन में किसी विशेष स्थान या किसी विशेष व्यक्ति के अतिक्रमण का नाम नहीं लिया है, बल्कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया और प्रशासनिक रवैये पर सामान्य तौर पर सवाल उठाए हैं।

गुना जिले की जनता अब यह देखने के लिए उत्सुक है कि विधायक के इस बयान के बाद जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है। क्या अतिक्रमण हटाओ अभियान पहले की तरह जारी रहेगा, या फिर राजनीतिक दबाव के चलते इस मुहिम को धीमा कर दिया जाएगा। भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के इस बयान ने जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर किया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का काम प्रशासन का मार्गदर्शन करना और जनहित की बात उठाना होता है, लेकिन अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दे पर सीधे तौर पर प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाना एक नई बहस को जन्म दे चुका है। वन्दे भारत न्यूज़ इस मामले में सभी पक्षों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है और आगे की अपडेट्स प्रकाशित की जाएंगी।