आसनसोल | 03 जनवरी 2026:पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा शनिवार को मधुपुर रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में भारतीय रेलवे के ऑल-इन-वन मोबाइल एप्लिकेशन रेलवन ऐप के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष यात्री जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुविधाओं को प्रोत्साहित करना और यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सीधे संवाद कर रेलवन ऐप की विभिन्न यात्री-केंद्रित सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ऐप अनारक्षित टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, पीएनआर स्टेटस जांच, ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस, ट्रेन शेड्यूल, कोच पोजीशन, किराया विवरण और सीट उपलब्धता जैसी सुविधाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही रेल मदद के माध्यम से शिकायत निवारण, भोजन ऑर्डर करने की सुविधा, रिफंड स्टेटस, स्टेशन से जुड़ी जानकारी और अन्य रेलवे सेवाओं तक आसान पहुंच भी प्रदान करता है।
यात्रियों को रेलवन ऐप डाउनलोड करने, रजिस्ट्रेशन करने और उपयोग करने के लिए लाइव डेमो भी दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षित डिजिटल भुगतान विकल्पों की जानकारी देते हुए यात्रियों को कैशलेस टिकटिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे बुकिंग काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से बचा जा सके और समय की बचत हो।
इस दौरान यात्रियों को भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की जा रही एक विशेष डिजिटल प्रोत्साहन योजना के बारे में भी अवगत कराया गया। योजना के तहत यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के माध्यम से रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट बुक करने पर टिकट किराए में 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं, आर-वॉलेट के माध्यम से बुकिंग करने पर यात्रियों को 3 प्रतिशत कैशबैक मिलता रहेगा। यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जाएगी।
अभियान के दौरान मौके पर ही यात्रियों को ऐप इंस्टॉल करने में सहायता दी गई और उनके सवालों के जवाब भी दिए गए। इस पहल को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने रेलवे की इस डिजिटल पहल की सराहना करते हुए भविष्य में रेलवन ऐप के नियमित उपयोग की इच्छा जताई।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आसनसोल मंडल में डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने, बुकिंग काउंटरों पर भीड़ कम करने और यात्रियों को आधुनिक, तकनीक-आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
















