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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:25 PM IST
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मुजफ्फरपुर: पुलिस ने जुआ के अड्डे पर मारा छापा, 13 लोग गिरफ्तार; 1.72 लाख रुपये कैश और 12 स्मार्टफोन बरामद

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थानीय पुलिस ने रविवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ के एक अवैध अड्डे पर सफलतापूर्वक छापा मारा है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 13 संदिग्ध जुआरियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपितों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। इस छापेमारी में पुलिस ने मौके से 1.72 लाख रुपये कैश और 12 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर पुलिस को रविवार देर रात सूचना मिली थी कि एक विशेष स्थान पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से जुआ खेला जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थान पर अचानक छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 13 लोगों को मौके से ही दबोच लिया। ये सभी व्यक्ति जुआ खेलने में संलिप्त पाए गए। पकड़े गए सभी संदिग्धों को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने लाया गया, जहां आगे की औपचारिक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों की तलाशी ली तो उनके पास से कुल 1.72 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा, जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे या आरोपितों के पास मौजूद 12 स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन स्मार्टफोनों का उपयोग जुआ खेलने, दांव लगाने या फिर आपसी संपर्क और समन्वय के लिए किया जा रहा था। बरामद किए गए सभी स्मार्टफोनों और नकदी को पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। अब इन मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारियों की गहन जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन से लोग शामिल थे या इसका कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं चल रहा था।

गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड (क्रिमिनल हिस्ट्री) खंगाला जा रहा है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या इनमें से कोई व्यक्ति पहले भी किसी अपराध में संलिप्त रहा है या इन पर पहले से कोई अन्य मामला दर्ज है। यदि इनका आपराधिक इतिहास सामने आता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और भी सख्त की जा सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन सभी के पिछले रिकॉर्ड की जांच विभिन्न थानों और जिलों के डाटाबेस से मिलाकर की जा रही है।

बिहार में जुआ और सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियां कानूनन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन समय-समय पर ऐसे अवैध अड्डों के खिलाफ सख्त अभियान चलाता रहता है। जुआ खेलना और जुआ के अड्डे चलाना दोनों ही भारतीय दंड संहिता और संबंधित कानूनों के तहत दंडनीय अपराध हैं। इसके बावजूद, कई बार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग छिपकर ऐसी अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस की यह ताजा कार्रवाई ऐसे ही अवैध नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में खौफ का माहौल है। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेगा या अवैध काम करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, जुआ या सट्टेबाजी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और गिरफ्तार सभी 13 आरोपितों को सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह जुआ का अड्डा पिछले कई दिनों से चल रहा था या यह पहली बार आयोजित किया गया था। साथ ही, बरामद 1.72 लाख रुपये की नकदी का स्रोत क्या है, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ का दौर जारी है और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।