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Mon, Oct 5, 2026Updated 10:20 PM IST
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दरभंगा: 26 लाख रुपये लेकर जमीन दूसरे के नाम रजिस्ट्री कराने का आरोप; पिस्टल दिखाकर धमकी देने और मारपीट के मामले में FIR दर्ज

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बिहार के दरभंगा जिले में भूमि विवाद से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला कमतौल थाना क्षेत्र का है, जहां जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान 26 लाख रुपये की ठगी, दस्तावेजों में हेराफेरी और हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में प्राथमिकी मोरो थाना क्षेत्र के पटोरी गांव निवासी अखिलेश कुमार ने दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कमतौल थाना क्षेत्र के बहुआरा बुजुर्ग गांव निवासी स्वर्गीय गयासुद्दीन के पुत्र मोहम्मद इफ्तेखार अहमद, जिन्हें स्थानीय स्तर पर सच्चू अहमद के नाम से भी जाना जाता है, को मुख्य आरोपी बनाया है। पीड़ित अखिलेश कुमार ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें जमीन बेचने के नाम पर उनसे कुल 26 लाख रुपये लिए थे। यह राशि जमीन की रजिस्ट्री और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के एवज में दी गई थी, लेकिन इसके बाद आरोपी ने न तो जमीन की रजिस्ट्री पीड़ित के नाम पर कराई और न ही ली गई राशि वापस की।

शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उन्होंने आरोपी से अपनी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने या फिर दी गई राशि वापस करने का अनुरोध किया, तो आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। बार-बार अनुरोध करने पर भी जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला, तो पीड़ित ने कानूनी और सामाजिक दबाव बनाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी क्रम में जब पीड़ित ने अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगी, तो आरोपी और उनके सहयोगियों ने न केवल पैसे देने से इनकार कर दिया, बल्कि उल्टा पीड़ित के साथ मारपीट भी की। घटना के दौरान आरोपी पर पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है, जिससे पीड़ित और उनके परिवार में भय का माहौल है।

इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने जिस जमीन के लिए पीड़ित से 26 लाख रुपये लिए थे, उसी जमीन की रजिस्ट्री बाद में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर करा दी गई। यह कार्य स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की श्रेणी में आता है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी बाद में हुई कि जिस भूमि को वे खरीद रहे थे, वह अब किसी तीसरे पक्ष के नाम पर पंजीकृत हो चुकी है। इस प्रकार, पीड़ित न तो जमीन का मालिक बन पाया और न ही उसकी गाढ़ी कमाई उसे वापस मिल सकी। ऐसे में उनके पास कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं था।

कमतौल थाना पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मोहम्मद इफ्तेखार अहमद उर्फ सच्चू अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी, मारपीट, हथियार दिखाकर धमकी देने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस टीम अब आरोपी की गिरफ्तारी और जमीन रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन में जुटी हुई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि अन्य कोई व्यक्ति भी इस ठगी में शामिल है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।

बिहार में भूमि विवाद और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े अपराधों में वृद्धि चिंता का विषय है। अक्सर देखा जाता है कि जमीन कारोबार में अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों और मौखिक समझौतों के कारण आम लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। दरभंगा का यह ताजा मामला भी इसी प्रवृत्ति को रेखांकित करता है, जहां बड़ी रकम लेने के बाद भी खरीदार को न्याय नहीं मिल पाता। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जमीन की खरीद-बिक्री करते समय सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें, पंजीकृत दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें और किसी भी प्रकार के मौखिक वादे या बिना रसीद के लेन-देन से बचें।

फिलहाल, कमतौल थाना पुलिस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच अधिकारी पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों से पूछताछ करेंगे और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिस्ट्री संबंधी रिकॉर्ड भी मंगाए जाएंगे। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पीड़ित को हर संभव सुरक्षा और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, नागरिकों से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें और सबूतों को सुरक्षित रखें ताकि दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिल सके।