Tue, 06 Oct 202611:36 PM
Tue, Oct 6, 2026Updated 11:36 PM IST
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आरा स्टेशन के पास ट्रेन से गिरकर छपरा के युवक की दर्दनाक मौत, पुणे से प्राइवेट नौकरी की छुट्टी लेकर लौट रहा था घर

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बिहार के भोजपुर जिले में स्थित आरा रेलवे स्टेशन पर एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दानापुर-पीडीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) रेलखंड पर आरा स्टेशन के पूरब साइड डाउन लाइन पर चलती गाड़ी संख्या 13202 एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर छपरा निवासी एक युवक की मौत हो गई है। इस हादसे ने जहां मृतक के परिवार में कोहराम मचा दिया है, वहीं रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आसपास के इलाके में भी लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और यात्रियों की भीड़ मौके पर जुट गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक बिहार के छपरा जिले का रहने वाला था। वह अपनी आजीविका कमाने के लिए महाराष्ट्र के पुणे शहर में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि युवक पुणे में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था। अपनी नौकरी से कुछ समय के लिए छुट्टी लेकर वह वापस अपने घर छपरा लौट रहा था। घर वापसी की खुशी और अपनों से मिलने की चाहत लिए यह युवक जब ट्रेन से सफर कर रहा था, तभी आरा स्टेशन के समीप यह भयंकर हादसा हो गया। उसकी यह घर वापसी की यात्रा बीच रास्ते में ही हमेशा के लिए खत्म हो गई, जिससे उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों ने बताया कि गाड़ी संख्या 13202 एक्सप्रेस ट्रेन दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर अपने निर्धारित मार्ग से गुजर रही थी। जब यह ट्रेन आरा स्टेशन के पूरब साइड डाउन लाइन पर पहुंची, तभी अचानक छपरा का यह युवक चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। ट्रेन से गिरने के बाद युवक को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ट्रेन से किसी व्यक्ति के गिरने और उसकी मौत होने की खबर जैसे ही प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्र में फैली, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। यात्री और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, जिससे कुछ देर के लिए स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बता दें कि भारतीय रेलवे के नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत, यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजों पर खड़े होने या ट्रेन से उतरने-चढ़ने का प्रयास करने से सख्ती से मना किया जाता है। इसके बावजूद, देश भर के रेलवे ट्रैकों और स्टेशनों पर ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं, जिनमें यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। विशेष रूप से त्योहारों के सीजन, छुट्टियों के दिनों या जब ट्रेनों में भारी भीड़ होती है, तब यात्रियों को दरवाजों और फुटबोर्ड पर खड़ा होकर सफर करना पड़ता है, जो कई बार ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनता है। आरा स्टेशन पर हुई यह घटना भी रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की सतर्कता पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े करती है।

युवक के प्राइवेट कंपनी में काम करने और पुणे से छुट्टी लेकर लौटने की बात से यह स्पष्ट होता है कि वह एक मेहनती युवक था जो अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरे राज्य में काम कर रहा था। बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों में जाते हैं। पुणे जैसे औद्योगिक शहरों में भी बिहार के हजारों युवा विभिन्न प्राइवेट कंपनियों और कारखानों में कार्यरत हैं। छुट्टियों में घर लौटने वाले इन प्रवासी मजदूरों और कर्मचारियों का सफर कई बार बहुत कठिन और जोखिम भरा होता है। इस युवक की मौत से न केवल उसके परिवार का सहारा छिन गया है, बल्कि पुणे में काम करने वाले अन्य प्रवासी मजदूरों और युवाओं में भी इस घटना को लेकर गहरा शोक और चिंता व्याप्त है।

हादसे के बाद रेलवे पुलिस और जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई। रेलवे अधिकारियों द्वारा मृतक की पहचान सुनिश्चित करने और उसके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना देने की कवायद तेज की गई। छपरा में बैठे उसके परिवार को जब इस हादसे की खबर मिली होगी, तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा होगा।

दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड उत्तर भारत का एक अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्ग है। इस रूट पर हर दिन दर्जनों सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन होता है। आरा स्टेशन भोजपुर जिले का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जहां बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। ऐसे व्यस्त रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की जरूरत लगातार महसूस की जाती रही है। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं, लेकिन ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा नियमों का पालन करवाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए चेतावनी का काम किया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्टेशन परिसरों और ट्रेनों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं, ताकि भविष्य में इस तरह की जनहानि को रोका जा सके। वहीं, यात्रियों से भी यह अपील की जाती है कि वे सफर के दौरान पूरी तरह से सतर्क रहें और चलती ट्रेन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। छपरा के इस युवक की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है और यह घटना स्थानीय समाचारों में प्रमुखता से छाई हुई है।