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Mon, Oct 5, 2026Updated 10:19 PM IST
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समस्तीपुर का मुखबधिर युवक 4 साल बाद नोएडा में जिंदा मिला: पिता ने 5 दिन पहले किया था पिंडदान, हत्या के आरोप में 4 लोग थे जेल

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बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव का एक मुखबधिर युवक, जिसके अपहरण और हत्या कर शव गायब करने का मामला करीब चार साल पहले दर्ज किया गया था, वह अचानक उत्तर प्रदेश के नोएडा में जिंदा पाया गया है। यह युवक नोएडा में एक फल की दुकान पर काम करते हुए मिला है। इस घटनाक्रम ने जहां पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है, वहीं परिजनों और स्थानीय लोगों के लिए भी यह किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है। विशेष रूप से यह बात ध्यान देने योग्य है कि युवक के मिलने से महज पांच दिन पहले ही उसके पिता ने उसकी मृत्यु मानकर विधिवत पिंडदान कर दिया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लालपुर गांव से जुड़ा हुआ है। लगभग चार वर्ष पूर्व इसी गांव के निवासी रविशंकर कुमार नामक एक युवक अचानक लापता हो गया था। रविशंकर कुमार जन्म से मुखबधिर (बोल और सुन नहीं सकता) था। उसके लापता होने के बाद परिवार वालों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद इस मामले में रोसड़ा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दर्ज प्राथमिकी में रविशंकर कुमार के अपहरण, उसकी हत्या किए जाने और फिर उसके शव को गायब कर दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया था।

इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इन चारों आरोपियों पर अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने यानी शव गायब करने के संगीन आरोप तय किए गए थे। इसके बाद ये चारों आरोपी जेल भेज दिए गए थे और वे पिछले कई वर्षों से जेल में बंद हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा। चूंकि युवक इतने लंबे समय तक नहीं मिला और कोई सुराग हाथ नहीं लगा, इसलिए धीरे-धीरे परिवार वालों ने भी यह मान लिया था कि रविशंकर कुमार अब इस दुनिया में नहीं है।

परिवार के सदस्यों ने जब हर तरफ से निराश होकर अपने बेटे के जीवित लौटने की उम्मीद छोड़ दी, तो हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संबंधी रस्में पूरी करने का निर्णय लिया गया। युवक के पिता ने अपने मुखबधिर बेटे की मृत्यु को स्वीकार करते हुए ठीक पांच दिन पहले उसका विधिवत पिंडदान कर दिया था। परिवार का मानना था कि बेटे की आत्मा की शांति के लिए यह आवश्यक है। लेकिन पिंडदान के कुछ ही दिनों बाद जो खबर आई, उसने पूरे परिवार और गांव को सन्न कर दिया।

ताजा जानकारी के मुताबिक, लापता रविशंकर कुमार उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुरक्षित और जीवित पाया गया है। वह नोएडा में एक फल की दुकान पर काम कर रहा था। किस प्रकार एक मुखबधिर युवक बिहार के समस्तीपुर से निकलकर उत्तर प्रदेश के नोएडा तक पहुंचा और वहां चार सालों तक कैसे रहा, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। साथ ही, क्या वह खुद वहां गया था या उसे वहां ले जाया गया था, इस पर भी अभी संदेह बना हुआ है।

इस घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि रविशंकर कुमार जीवित है, तो चार साल पहले दर्ज किए गए अपहरण और हत्या के मामले की वास्तविकता क्या है? जिन चार लोगों को हत्या और शव गायब करने के आरोप में जेल भेजा गया था, उनके साथ न्यायिक प्रक्रिया में क्या होगा? क्या उन चारों आरोपियों को किसी साजिश के तहत फंसाया गया था, या फिर युवक के लापता होने के पीछे कोई अन्य कारण था, यह अभी जांच का विषय है।

रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में जब यह खबर फैली कि जिस युवक का हाल ही में पिंडदान किया गया है, वह नोएडा में जिंदा है, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के लिए यह खबर अविश्वसनीय थी। वहीं, परिजनों के लिए यह खुशी और उलझन दोनों का विषय बन गया है। एक तरफ उन्हें अपने बेटे के जीवित होने की खुशी है, तो दूसरी तरफ बीते चार सालों की कानूनी लड़ाई, जेल गए चार लोगों का मामला और हाल ही में किया गया पिंडदान उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस नए तथ्य के आधार पर पुराने मामले की दोबारा जांच करता है या नहीं। युवक के नोएडा से समस्तीपुर वापस आने के बाद उसके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय हो पाएगा कि चार साल पहले असल में क्या घटना घटी थी। फिलहाल, यह मामला बिहार के समस्तीपुर जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और पुलिस प्रशासन के लिए भी यह एक अनोखी और पेचीदा स्थिति पैदा कर चुका है।