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सीहोर: इछावर की नमकीन-मसाला फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का सामान खाक; दमकल पहुंचने में दो घंटे की देरी पर ग्रामीणों का आरोप

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सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है, जिसमें गोधन दलिया, मसाला उद्योग और विनायक नमकीन फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में फैक्ट्री के अंदर रखा करोड़ों रुपये का तैयार माल, कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और महंगी मशीनें जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, कारोबारी हरी गुप्ता को इस घटना में लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है। आग लगने के तत्काल कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है और पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब लोग कोर्ट रोड से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने फैक्ट्री परिसर से तेज धुआं और आग की लपटें निकलती देखीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री में रखे नमकीन, मिर्च-मसाले और अन्य ज्वलनशील पैकेजिंग सामग्रियों के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा परिसर धुएं के गुबार से ढक गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और आपातकालीन स्थिति को भांपते हुए फैक्ट्री का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर पानी और अन्य साधनों से आग बुझाने की जीतोड़ कोशिश शुरू की, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास कम पड़ रहे थे।

इस घटना में सबसे गंभीर पहलू दमकल सेवाओं की देरी से जुड़ा हुआ है, जिस पर स्थानीय ग्रामीणों ने तीखी नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने की सूचना इछावर फायर ब्रिगेड को तुरंत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद दमकल की गाड़ी को मौके पर पहुंचने में लगभग दो घंटे का समय लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल कर्मचारी समय पर पहुंच जाते, तो आग को उसकी प्रारंभिक अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सकता था और इतना बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकता था। दमकल की देरी के कारण आग फैक्ट्री के हर हिस्से में फैल चुकी थी और तब तक अधिकांश सामान जल चुका था। काफी मशक्कत और स्थानीय लोगों के सहयोग के बाद ही अंततः आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

आग की चपेट में आने से फैक्ट्री की उत्पादन इकाई को अपूरणीय क्षति पहुंची है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, न केवल तैयार नमकीन और मसाले बल्कि उत्पादन में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण मशीनें भी जलकर नष्ट हो गई हैं। पैकेजिंग सामग्री और अन्य सहायक उपकरण भी आग की भेंट चढ़ गए हैं। कारोबारी हरी गुप्ता के लिए यह घटना किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि फैक्ट्री में रखा सारा स्टॉक और बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और नुकसान का ब्योरा जुटाया जा रहा है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है या किसी अन्य तकनीकी खराबी या मानवीय भूल का परिणाम है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद प्राथमिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है। साथ ही, दमकल विभाग की ओर से हुई कथित देरी के मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र में कोई खामी रही। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि छोटे शहरों और कस्बों में अग्निशमन व्यवस्था की स्थिति सुधार की मांग करती है। उनका तर्क है कि अगर ऐसी ही देरी भविष्य में होती रही तो जान-माल का नुकसान निश्चित है।

यह घटना मध्य प्रदेश के छोटे औद्योगिक केंद्रों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े करती है। इछावर जैसे क्षेत्रों में कई लघु उद्योग संचालित होते हैं, जहां अक्सर अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। वहीं, दमकल सेवाओं की प्रतिक्रिया समय को लेकर भी पुनर्विचार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल, पीड़ित कारोबारी को हुए नुकसान का अंतिम आकलन बाकी है और पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट में आग के कारणों तथा दमकल की देरी के तथ्यों को स्पष्ट करेगी। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह न केवल इस घटना की जवाबदेही तय करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाएगा।