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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:26 PM IST
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जशपुर: मिर्ची और खाली शराब की बोतलों की आड़ में गांजा तस्करी, पुलिस ने 3.41 करोड़ रुपये का माल किया जब्त; ओडिशा से यूपी ले जाई जा रही थी खेप

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर वाहनों की नियमित जांच के दौरान पुलिस ने एक मिनी ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। यह खेप मिर्ची और खाली शराब की बोतलों की आड़ में छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने कुल 6 क्विंटल 32 किलो 380 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.41 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गांजे की खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी।

जशपुर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक मिनी ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। ट्रक के ऊपरी हिस्से में मिर्ची और खाली शराब की बोतलें रखी हुई थीं, ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो। लेकिन जब पुलिस कर्मियों ने वाहन की गहराई से जांच की, तो मिर्ची और खाली बोतलों के नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपा हुआ पाया गया। तस्करों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए इस तरह की तरकीब अपनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी योजना विफल हो गई।

बरामद किए गए गांजे का वजन 6 क्विंटल 32 किलो 380 ग्राम मापा गया है। बाजार में इस नशीले पदार्थ की कीमत करीब 3.41 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह जशपुर पुलिस की नशा तस्करी के खिलाफ हाल के दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी पुलिस ने इस क्षेत्र में नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि जशपुर पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गांजे की खेप को ओडिशा से लाया जा रहा था और इसे उत्तर प्रदेश पहुंचाया जाना था। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे होने के कारण जशपुर जिला अक्सर तस्करों के लिए एक ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। तस्कर छत्तीसगढ़ के रास्ते होते हुए अन्य राज्यों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने का प्रयास करते रहते हैं। मिर्ची और खाली शराब की बोतलों का इस्तेमाल इस बात का संकेत देता है कि तस्करों ने पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए पूरी साजिश रची थी।

लावाकेरा चेकिंग बैरियर जशपुर जिले का एक महत्वपूर्ण नाका है, जहां से अंतर्राज्यीय वाहनों का आवागमन होता है। पुलिस द्वारा यहां पर वाहनों की नियमित और सघन जांच की जाती है। इसी चेकिंग प्रक्रिया के दौरान पुलिस कर्मियों को मिनी ट्रक पर संदेह हुआ, जिसके बाद तलाशी ली गई और इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया जा सका। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर ऐसे चेकिंग अभियान चलाने से तस्करों में भय बना रहता है और नशे की खेप को गंतव्य तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

फिलहाल, पुलिस ने गांजे की खेप को जब्त कर लिया है और मिनी ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक के पूरे रूट और तस्करों की शृंखला का पता लगाने में जुटी हुई है।

छत्तीसगढ़ में नशा तस्करी एक गंभीर समस्या है और राज्य पुलिस इसके खात्मे के लिए लगातार प्रयासरत है। जशपुर में 3.41 करोड़ रुपये के गांजे की जब्ती पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। जनता के सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सकता है।

यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि तस्कर नए-नए तरीकों से नशीले पदार्थों की ढुलाई कर रहे हैं। मिर्ची और खाली शराब की बोतलों जैसे सामान्य घरेलू उत्पादों की आड़ में अवैध माल की तस्करी करना तस्करों की बदलती रणनीति को दर्शाता है। हालांकि, जशपुर पुलिस की सतर्कता और सक्रियता ने इस बार उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा इस मामले में और भी खुलासे किए जाने की संभावना है, जिससे नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।