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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:26 PM IST
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रायगढ़: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, ओडिशा ले जाते हुए पुलिस ने टाटानगर के पास दौड़ाकर आरोपी को दबोचा

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें नल-जल योजना में मजदूरी करने वाले 22 वर्षीय एक युवक ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर ओडिशा लेकर भाग रहा था। हालांकि, रायगढ़ पुलिस की तत्परता और तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को ओडिशा के टाटानगर के पास दौड़ाकर पकड़ लिया गया। यह घटना जिले में सुरक्षा और महिला अपराधों को लेकर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी 22 साल का नशरूल आलम है। नशरूल आलम रायगढ़ जिले में नल-जल योजना के तहत मजदूरी का काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान एक नाबालिग लड़की से हुई। आरोप है कि नशरूल आलम ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा दिया और अपने प्रेम जाल में फंसाया। शादी का भरोसा दिलाकर आरोपी ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जो कानूनन दुष्कर्म की श्रेणी में आता है।

नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद आरोपी नशरूल आलम ने उसे घर से भगा ले जाने की साजिश रची। उसने पीड़िता को बहला-फुसलाया और उसे अपने साथ ओडिशा ले जाने लगा। आरोपी की मंशा थी कि वह नाबालिग को रायगढ़ से दूर किसी अन्य राज्य में ले जाए, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके और वह कानूनी कार्रवाई से बच निकले। इसी क्रम में वह नाबालिग को लेकर ओडिशा की तरफ रवाना हो गया।

इधर, जब नाबालिग लड़की के परिजनों को इस बात की जानकारी हुई कि उनकी बेटी लापता है और उसे नशरूल आलम नाम का युवक बहला-फुसलाकर ले गया है, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय रायगढ़ पुलिस को दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म जैसे संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुट गई।

रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी सुराग और मुखबिरों की मदद से आरोपी नशरूल आलम की लोकेशन ट्रेस करने का काम शुरू किया। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नाबालिग को लेकर ओडिशा की दिशा में भाग रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने तत्काल पीछा करना शुरू किया। पुलिस टीम ने लगातार दौड़ाकर आरोपी का पीछा किया। यह पीछा काफी संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस अधिकारियों और जवानों ने हार नहीं मानी।

आखिरकार, रायगढ़ पुलिस की टीम ने आरोपी नशरूल आलम को ओडिशा के टाटानगर के पास जा दबोचा। पुलिस ने मौके से ही नाबालिग पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लिया और रायगढ़ वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया जाना पुलिस की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस ने आरोपी नशरूल आलम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो एक्ट की सख्त धाराएं लागू होती हैं। नाबालिग से दुष्कर्म और उसे भगाकर ले जाने के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत कठोरतम सजा का प्रावधान है। पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या आरोपी अकेले ही इस वारदात को अंजाम दे रहा था।

इस मामले में यह भी ध्यान देने योग्य है कि आरोपी नशरूल आलम नल-जल योजना में मजदूरी करता था। सरकारी योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों द्वारा इस तरह के आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया जाना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय है। ऐसे मामलों के बाद यह सवाल उठता है कि सरकारी परियोजनाओं में काम करने वाले बाहरी मजदूरों की पुलिस वेरिफिकेशन और उनकी पृष्ठभूमि की जांच कितनी सख्ती से की जाती है।

रायगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। पुलिस ने जिस तेजी से आरोपी का पीछा कर टाटानगर के पास से उसे गिरफ्तार किया, उससे यह संदेश गया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, नाबालिग के साथ हुई इस घटना ने समाज में एक बार फिर बच्चियों की सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया है। पुलिस अब इस मामले में न्यायालय में मजबूत चालान पेश करने की तैयारी में है, ताकि आरोपी नशरूल आलम को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।