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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:26 PM IST
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बेमेतरा: साजा में मवेशी तस्करी के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार और 3 पिकअप वाहन जब्त

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बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। साजा पुलिस ने मवेशी तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर 13 मवेशियों को बिना किसी वैध दस्तावेज के मध्य प्रदेश स्थित कत्लखानों में ले जाने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 3 पिकअप वाहनों को भी जब्त किया है। यह कार्रवाई साजा थाना क्षेत्र में की गई है, जहां से होकर मवेशियों की तस्करी का मार्ग गुजरता है।

साजा थाना क्षेत्र में मवेशी तस्करी के ये दोनों मामले एक ही समय सामने आए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मवेशियों को अवैध तरीके से और बिना उचित दस्तावेजों के मध्य प्रदेश की ओर ले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर साजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने जब वाहनों की जांच की तो उनमें मवेशियों को ठूंस कर रखा गया था। आरोपियों के पास मवेशियों के परिवहन के लिए कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया और वाहनों में सवार सभी 6 आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इन 13 मवेशियों को मध्य प्रदेश के कत्लखानों तक पहुंचाने की फिराक में थे। मवेशियों को छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश ले जाने के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति या वैध कागजात उनके पास मौजूद नहीं थे। पशु तस्करी के धंधे में शामिल ये लोग अक्सर रात के अंधेरे या सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करके मवेशियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में अवैध रूप से परिवहित करते हैं। साजा क्षेत्र भौगोलिक रूप से ऐसे स्थान पर है जहां से मध्य प्रदेश की सीमा तक पहुंचने के मार्ग उपलब्ध हैं, जिसका फायदा तस्कर उठाते रहे हैं।

इस कार्रवाई में पुलिस ने जिन तीन पिकअप वाहनों को जब्त किया है, उनका उपयोग मवेशियों के अवैध परिवहन के लिए किया जा रहा था। पिकअप वाहनों में मवेशियों को इस तरह लादा गया था कि उन्हें भारी कष्ट हो रहा था। बिना वैध दस्तावेजों के मवेशियों का परिवहन न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों का भी खुला उल्लंघन है। पुलिस ने तीनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित रख दिया है।

साजा पुलिस द्वारा मवेशी तस्करी के इन दो मामलों में की गई इस संयुक्त कार्रवाई को जिले में तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर मवेशियों की तस्करी के मामले बढ़े हैं। तस्करों द्वारा छोटे वाहनों जैसे पिकअप का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि वे मुख्य मार्गों से बचकर ग्रामीण और कच्चे रास्तों से होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। हालांकि, साजा पुलिस की सतर्कता के कारण इस बार तस्करों की यह कोशिश नाकाम हो गई।

गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों का किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध है। पुलिस की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या ये आरोपी पहले भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में शामिल रहे हैं। मवेशी तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह के काम करने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।

बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से मवेशी तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से मवेशियों के परिवहन और तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जो भी व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के मवेशियों का परिवहन करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में मवेशी तस्करी या संदिग्ध वाहनों की आवाजाही की कोई सूचना मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या साजा थाने को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मवेशी तस्करी एक गंभीर समस्या बनी हुई है और राज्य पुलिस समय-समय पर ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश करती रहती है। साजा में 13 मवेशियों की बरामदगी और 6 आरोपियों की गिरफ्तारी इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। जब्त किए गए 3 पिकअप वाहनों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इन वाहनों का उपयोग पूर्व में किन-किन अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया है। फिलहाल, सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।