अल-कायदा ने फ्लाईदुबई हमले के आरोपी पायलट की तारीफ की, अमेरिकी और इजराइली विमानों पर 9/11 जैसे हमले की दी धमकी

नई दिल्ली। आतंकी संगठन अल-कायदा ने हाल ही में फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर कथित रूप से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी की खुलेआम तारीफ की है। इसके साथ ही आतंकी संगठन ने अमेरिकी और इजराइली विमानों पर 11 सितंबर (9/11) जैसे भयावह हमलों को अंजाम देने की धमकी दी है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-कायदा से जुड़ी मैगजीन ‘अल-बयान’ में यह खौफनाक बयान प्रकाशित किया गया है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है।
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा से जुड़ी मैगजीन ‘अल-बयान’ में एक लेख प्रकाशित किया गया है। इस लेख में फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान हुए विवाद और कथित हमले में शामिल ओमानी नागरिक सह-पायलट हमाम अल-हमामी की सराहना की गई है। मैगजीन में दावा किया गया है कि यह जंग अभी समाप्त नहीं हुई है और आगे भी जारी रहेगी। अल-कायदा ने अपने समर्थकों और आतंकियों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजराइल से जुड़े विमानों को निशाना बनाएं। संगठन ने 9/11 जैसे हमलों का जिक्र करते हुए इसी तरह की कार्रवाई दोहराने की धमकी दी है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पूरी दुनिया 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की बरसी के संदर्भ में विमानन सुरक्षा को लेकर पहले से ही सतर्क है।
गौरतलब है कि हाल ही में फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई थी। इस उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मच्छर विमान को संचालित कर रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी उड़ान के दौरान ओमानी मूल के सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला किया था। यह घटना विमान के कॉकपिट के अंदर हुई, जो उड्डयन सुरक्षा मानकों के लिहाज से अत्यंत गंभीर मामला माना जाता है। किसी भी व्यावसायिक उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर चालक दल के सदस्यों के बीच इस प्रकार की हिंसक झड़प या हमले की घटना विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान के लिए सीधा खतरा पैदा करती है। फिलहाल, इस हमले की सटीक वजह और उस समय विमान की स्थिति को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन अल-कायदा द्वारा हमाम अल-हमामी की तारीफ किए जाने से इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का रूप ले लिया है।
अल-कायदा द्वारा अपनी मैगजीन ‘अल-बयान’ के जरिए दी गई यह धमकी वैश्विक विमानन सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के आतंकियों ने अमेरिका में चार व्यावसायिक विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दोनों इमारतों से टकरा दिया गया था, जबकि तीसरा विमान पेंटागन से टकराया था और चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में क्रैश हो गया था। इन हमलों में लगभग 3000 लोगों की जान गई थी। 9/11 की इसी घटना का हवाला देते हुए अल-कायदा ने अब एक बार फिर अमेरिकी और इजराइली विमानों को निशाना बनाने की बात कही है। संगठन ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उनके लिए यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है, जो इस बात का संकेत देता है कि वे भविष्य में भी इस तरह की आतंकी साजिशों को अंजाम देने की फिराक में हैं।
अल-कायदा की ओर से जारी इस खौफनाक बयान और धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और विमानन कंपनियों की नींद उड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठनों द्वारा विमानन क्षेत्र को निशाना बनाने की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है। फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना और उसके बाद अल-कायदा का इस पर प्रतिक्रिया देना यह दर्शाता है कि आतंकी संगठन कमर्शियल एविएशन को लेकर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और इजराइल से जुड़ी एयरलाइंस के लिए यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि क्या हमाम अल-हमामी का अल-कायदा से कोई सीधा संगठनात्मक संबंध था या यह महज एक व्यक्तिगत कृत्य था जिसका आतंकी संगठन अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हुए इस कथित हमले के बाद भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विदेशों में काम करने वाले भारतीय पायलटों और चालक दल के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। फ्लाईदुबई जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में कार्यरत भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब एक बड़ी प्राथमिकता बन गया है। अल-कायदा की मैगजीन ‘अल-बयान’ में छपे इस लेख ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक आतंकवाद का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और सुरक्षा एजेंसियों को हर स्तर पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियामक संस्थाओं और विभिन्न देशों की खुफिया एजेंसियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अल-कायदा की इस नई धमकी का गंभीरता से संज्ञान लेंगी। एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा जांच को और अधिक सख्त करने, चालक दल के सदस्यों की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रक्रिया को मजबूत करने और उड़ान के दौरान कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की तत्काल आवश्यकता है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट और अल-बयान मैगजीन के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि आतंकी संगठन विमानन क्षेत्र में सेंध लगाने की नई कोशिशें कर रहे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले में अल-कायदा की धमकी की विश्वसनीयता और इसके पीछे की वास्तविक साजिश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसे देखते हुए सभी संबंधित देशों को अत्यंत सतर्कता बरतने की जरूरत है।

