Mon, 05 Oct 202610:20 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 10:20 PM IST
होम › विदेश

पाकिस्तान में ट्रम्प के बेटों की कंपनी लगाएगी ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट, हरीपुर-रावलपिंडी और तक्षशिला में तीन मिलिट्री साइट्स चयनित; भारत ने भी तेज की तैयारी

WhatsAppFacebookX

वांदे भारत न्यूज़। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की हिस्सेदारी वाली कंपनी पावरयूएस (PowerUS) पाकिस्तान में ड्रोन उत्पादन इकाई स्थापित करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पाकिस्तान में तीन संभावित सैन्य स्थलों का चयन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये तीनों स्थल हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला में हैं। यह कदम पाकिस्तान की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और उसके ड्रोन विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पावरयूएस कंपनी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दोनों पुत्रों एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की हिस्सेदारी है। इस कंपनी ने पाकिस्तान की धरती पर अपना ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने का फैसला किया है। इसके लिए पाकिस्तानी पक्ष ने हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य स्थलों को चुना है। इन तीनों स्थलों पर मिलिट्री साइट्स मौजूद हैं, जहां भविष्य में ड्रोन निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इन तीनों में से किस साइट पर सबसे पहले उत्पादन शुरू होगा या क्या तीनों स्थलों पर एक साथ काम आरंभ किया जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय कंपनी और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असिम मुनीर की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों में जनरल असिम मुनीर की बैठकों और इस ड्रोन परियोजना से जुड़े अपडेट्स का उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान की सेना इस परियोजना को लेकर गंभीर है और माना जा रहा है कि सैन्य नेतृत्व के सीधे हस्तक्षेप से ही इन तीनों मिलिट्री साइट्स का चयन सुनिश्चित किया गया है। पाकिस्तान की सेना अपने निगरानी और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों की तलाश में रहती है, और अमेरिकी कंपनी के साथ यह साझेदारी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी किसी कंपनी का पाकिस्तान में रक्षा क्षेत्र से जुड़ा निवेश करना अपने आप में एक बड़ी भू-राजनीतिक घटना है। एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सक्रिय रहे हैं, लेकिन रक्षा और ड्रोन निर्माण जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उनकी कंपनी का पाकिस्तान में प्रवेश कई सवाल भी खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से अमेरिका और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को एक नया आयाम मिल सकता है। हालांकि, इस परियोजना के व्यावसायिक और तकनीकी पहलुओं पर अभी पूरी तस्वीर साफ होना बाकी है।

दूसरी ओर, पड़ोसी देश पाकिस्तान की इस पहल के ठीक विपरीत, भारत ने अपनी रक्षा जरूरतों और ड्रोन विनिर्माण क्षमताओं को लेकर काफी तेजी से और ठोस कदम उठाए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में ड्रोन निर्माण की चार फैक्ट्रियां पूरी तरह से तैयार हो चुकी हैं और काम कर रही हैं। इसके अलावा, तीन अन्य ड्रोन फैक्ट्रियां वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, जिनका काम तेजी से चल रहा है। वहीं, दो और ड्रोन उत्पादन इकाइयों के लिए प्रस्ताव भी सरकार के पास विचाराधीन हैं।

भारत की यह तैयारी दर्शाती है कि देश रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत ड्रोन तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में पहले से संचालित चार फैक्ट्रियां, तीन निर्माणाधीन इकाइयां और दो प्रस्तावित परियोजनाएं मिलकर भारतीय रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत कर रही हैं। भारतीय कंपनियां न केवल सैन्य बलों के लिए बल्कि कृषि, सर्वेक्षण और लॉजिस्टिक्स जैसे नागरिक उपयोगों के लिए भी ड्रोन का निर्माण कर रही हैं। भारत की यह व्यवस्थित और योजनाबद्ध प्रगति उसे दक्षिण एशिया में ड्रोन विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बना रही है।

पाकिस्तान में पावरयूएस द्वारा चुनी गई तीनों साइट्स की बात करें तो हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला तीनों ही स्थान रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। रावलपिंडी पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह परियोजना सीधे तौर पर सैन्य नियंत्रण और देखरेख में होगी। तक्षशिला और हरीपुर भी सैन्य और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से जाने जाते हैं। इन स्थलों का चयन इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान इस ड्रोन यूनिट को पूरी सुरक्षा और गोपनीयता के साथ स्थापित करना चाहता है।

कुल मिलाकर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों की कंपनी पावरयूएस का पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने का फैसला और सेना प्रमुख जनरल असिम मुनीर की सक्रियता इस क्षेत्र में नए बदलावों का संकेत दे रही है। वहीं, भारत की चार तैयार, तीन निर्माणाधीन और दो प्रस्तावित फैक्ट्रियों वाला ढांचा यह साबित करता है कि भारत अपनी रक्षा उत्पादन क्षमताओं को लगातार और तेजी से विस्तार दे रहा है। दोनों देशों की इन गतिविधियों पर आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों की पैनी नजर बनी रहेगी।