Mon, 05 Oct 202610:19 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 10:19 PM IST
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बिहार बाढ़ संकट: पप्पू यादव ने मंत्री विजय चौधरी से मांगा इस्तीफा, कहा- 56 लाख लोग प्रभावित, तटबंध टूटने में मंत्री-अधिकारी-ठेकेदारों की मिलीभगत

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बिहार में आई भीषण बाढ़ को लेकर राज्य की राजनीति तेज हो गई है। पूर्णिया से सांसद और पूर्व लोकसभा सदस्य पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने बाढ़ राहत और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य के मंत्री विजय चौधरी से उनके पद से इस्तीफा देने की मांग की है। पप्पू यादव ने यह दावा किया है कि बिहार में आई इस बार की बाढ़ से करीब 56 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि तटबंधों का निर्माण और रखरखाव ठीक से नहीं होने के कारण वे टूट गए, जिसके पीछे मंत्रियों, अधिकारियों और ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत जिम्मेदार है।

इस पूरे मामले को लेकर पप्पू यादव ने सोमवार को अपने आवास पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस वार्ता में उन्होंने बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, सरकारी तैयारियों की कमियों और जनता को हो रही भारी परेशानियों का विस्तृत ब्योरा मीडिया के सामने रखा। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ का संकट हर साल बिहार की जनता के लिए एक बड़ी त्रासदी बन चुका है, लेकिन राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा इसे रोकने के लिए कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तटबंध प्राकृतिक कारणों से नहीं टूटे हैं, बल्कि इनके निर्माण कार्य में घोर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार बरता गया है।

सांसद पप्पू यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ का पानी घुसने से लगभग 56 लाख लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हजारों परिवारों के घर डूब चुके हैं, खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं और लाखों लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में ऊंचे बांधों या सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य उस तेजी और प्रभावशीलता से नहीं किए जा रहे हैं, जिसकी इस विकट परिस्थिति में आवश्यकता थी। प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे आम जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

पप्पू यादव ने तटबंधों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन ठेकेदारों को तटबंधों के निर्माण और मरम्मत का काम दिया गया था, उन्होंने मानकों की खुलेआम अनदेखी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में केवल ठेकेदार ही शामिल नहीं हैं, बल्कि इसमें उच्च स्तर पर बैठे अधिकारी और संबंधित मंत्रियों की भी सीधी मिलीभगत है। यही कारण है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी तटबंध कमजोर बने रहते हैं और हल्की बारिश या नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी होने पर ही टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इस सांठगांठ को बेनकाब नहीं किया जाएगा, बिहार की जनता को हर साल ऐसे ही जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

इसी क्रम में पप्पू यादव ने राज्य सरकार में मंत्री विजय चौधरी से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की मांग की है। उनका कहना है कि विजय चौधरी के विभाग और उनकी नीतियों के तहत तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफलता मिली है। यदि मंत्री अपने विभाग की जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर सकते और इतने बड़े पैमाने पर जनता के नुकसान को रोकने में असफल रहे हैं, तो उन्हें नैतिक आधार पर अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। पप्पू यादव ने मांग की है कि तटबंध टूटने की घटनाओं की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि इसमें शामिल दोषी अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

पूर्णिा सांसद ने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पर स्थिति की भयावहता का वास्तविक अंदाजा लगता है, जो सरकारी आंकड़ों और दावों से काफी अलग है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से अपील की है कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जाए। पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की मदद और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी की, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

बता दें कि बिहार में बाढ़ एक गंभीर और पुरानी समस्या रही है। हर वर्ष मानसून के दौरान नेपाल से आने वाला पानी और भारी बारिश के कारण उत्तर बिहार के अधिकांश जिले बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और महानंदा जैसी प्रमुख नदियां अक्सर अपना रौद्र रूप दिखाती हैं और तटबंधों को तोड़कर आसपास के गांवों और शहरों में घुस जाती हैं। इस बार भी कई जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पप्पू यादव द्वारा मंत्री विजय चौधरी के इस्तीफे की मांग और 56 लाख लोगों के प्रभावित होने के दावे ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इन गंभीर आरोपों और मांगों पर क्या रुख अपनाती है और बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाती है।