धमतरी: डायवर्शन के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते SDM कार्यालय का क्लर्क गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों दबोचा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार को ACB की विशेष टीम ने कुरुद स्थित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय में अचानक छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान भू-अर्जन शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पुनेश्वर सूर्यवंशी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत भूमि डायवर्शन से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता से ली जा रही थी। इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा मामला धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र का है। यहां स्थित SDM कार्यालय में भू-अर्जन शाखा में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 पुनेश्वर सूर्यवंशी पर भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने शिकंजा कसा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके भूमि डायवर्शन से संबंधित काम को पूरा करने के लिए उक्त क्लर्क द्वारा 10 हजार रुपये की अवैध मांग की जा रही है। बिना यह रकम दिए उसका सरकारी काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था। इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और शिकायत का सत्यापन किया। जब शिकायत सही पाई गई, तो ACB की टीम ने सोमवार को एक सुनियोजित योजना के तहत जाल बिछाया। टीम ने शिकायतकर्ता को रासायनिक रूप से उपचारित (केमिकल वाले) नोट दिए और उसे पहले से तय समय पर SDM कार्यालय भेजा। जैसे ही क्लर्क पुनेश्वर सूर्यवंशी ने शिकायतकर्ता से डायवर्शन के काम के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए बैठी ACB की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद टीम ने फिनोलफ्थेलिन टेस्ट किया, जिसमें क्लर्क के हाथों पर लगे केमिकल का रंग गुलाबी हो गया। इससे यह पूरी तरह साबित हो गया कि उसने रिश्वत की रकम ली है।
भू-अर्जन शाखा राज्य सरकार का एक अत्यंत संवेदनशील विभाग होता है, जहां जमीन अधिग्रहण, मुआवजे और भूमि डायवर्शन जैसे महत्वपूर्ण मामलों की फाइलें चलती हैं। आम नागरिकों को अपने भूमि संबंधी कार्यों के लिए इसी शाखा पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में इस शाखा में पदस्थ एक कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग करना और उसे स्वीकार करना बेहद गंभीर बात मानी जा रही है। डायवर्शन यानी भूमि के उपयोग में परिवर्तन की प्रक्रिया में कई बार आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और इसी बीच कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
ACB की इस सफल कार्रवाई से कुरुद SDM कार्यालय सहित पूरे जिले के सरकारी दफ्तरों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से अन्य सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश जाएगा। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीमें प्रदेश भर में लगातार ऐसे अभियान चला रही हैं ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता को बिना किसी अवैध वसूली के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी क्लर्क पुनेश्वर सूर्यवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार, ACB अब यह भी जांच कर सकती है कि क्या आरोपी क्लर्क ने पूर्व में भी ऐसे ही अन्य मामलों में रिश्वत ली है या वह अकेले काम कर रहा था। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, अगर उसके खिलाफ रिश्वत लेने की पुख्ता शिकायत आती है और सत्यापन में वह सही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुरुद में हुई यह कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया एक और ठोस कदम है।
धमतरी जिले के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने ACB की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में बैठने वाले ऐसे कर्मचारी जो जनता के काम के बदले रिश्वत मांगते हैं, उनके खिलाफ ऐसी ही कड़ी कार्रवाई होती रहनी चाहिए। इससे आम आदमी का प्रशासन पर विश्वास बढ़ेगा और लोग बिना डरे अपने वैध कार्यों को पूरा करवा सकेंगे। फिलहाल, आरोपी क्लर्क को ACB की हिरासत में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा विस्तृत जांच जारी है।

