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Mon, Oct 5, 2026Updated 10:20 PM IST
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बांका: घरेलू विवाद सुलझाने पहुंचे पंच ने महिला के सिर पर मारी लाठी, मौत; आरोपी फरार, पत्नी-बेटी हिरासत में

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बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनपुर गोयड़ा गांव में एक घरेलू विवाद के समाधान के दौरान हुई हिंसक घटना में एक महिला की मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने पहुंचे पंच पर ही महिला की हत्या का गंभीर आरोप लगा है। मामले में नामजद आरोपी पंच अनिल उर्फ लड्डू उपाध्याय द्वारा 45 वर्षीय सुमरी देवी के सिर पर लाठी से प्रहार करने की बात सामने आई है, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी पंच मौके से फरार हो गया है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी की पत्नी और बेटी को हिरासत में लिया है।

यह घटना लखनपुर गोयड़ा गांव की है, जहां पिछले तीन दिनों से एक घरेलू विवाद चल रहा था। स्थानीय स्तर पर इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव के पंचों को बुलाया गया था। सोमवार दोपहर जब दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता चल रही थी, तभी अचानक विवाद इतना बढ़ गया कि उसका परिणाम रक्तरंजित हो गया। उपलब्ध सूत्रों के मुताबिक, मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे पंच अनिल उर्फ लड्डू उपाध्याय ने आवेश में आकर 45 वर्षीय सुमरी देवी पर लाठी से जानलेवा हमला कर दिया। लाठी का सीधा प्रहार महिला के सिर पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

घटना के तुरंत बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। एक तरफ जहां पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में शोक है, वहीं दूसरी ओर पंच द्वारा की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय न्याय व्यवस्था और मध्यस्थता की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आम तौर पर पंचों को विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए सम्मानित और जिम्मेदार व्यक्ति माना जाता है, लेकिन इस मामले में मध्यस्थताकर्ता के ही मुख्य आरोपी बन जाने से पूरा मामला पेचीदा हो गया है। पुलिस प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कानून अपना रास्ता ले और दोषियों को सजा मिले।

शंभूगंज थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। चूंकि मुख्य आरोपी अनिल उर्फ लड्डू उपाध्याय वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो चुका है, इसलिए पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपी की तलाश तेज करने के साथ-साथ पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करने के उद्देश्य से आरोपी की पत्नी और बेटी को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इनसे पूछताछ के जरिए मामले के कई अहम पहलुओं और आरोपी के ठिकाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। हिरासत में लिए गए परिजनों से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस विवाद में पहले से कोई अन्य कड़ी या पूर्व नियोजित साजिश तो नहीं थी।

उल्लेखनीय है कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और जमीनी विवादों के समाधान के लिए पंचायती व्यवस्था या पंचों का हस्तक्षेप एक सामान्य प्रक्रिया रही है। हालांकि, जब ऐसे मध्यस्थ ही हिंसा का कारण बन जाते हैं, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था की समस्या है, बल्कि यह सामाजिक ताने-बाने के लिए भी चिंताजनक है। लखनपुर गोयड़ा गांव में हुई यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अनौपचारिक विवाद समाधान तंत्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी कैसे हिंसक रूप ले सकती है। तीन दिन से चल रहे विवाद का अंत इस प्रकार होगा, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी।

फिलहाल, शंभूगंज पुलिस पूरे मामले की प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है। मृतक महिला सुमरी देवी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मृत्यु के सटीक कारणों की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि गांव में किसी प्रकार का तनाव या प्रतिशोधात्मक हिंसा न भड़के। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

इस दुखद घटना ने बांका जिले में सुरक्षा और ग्रामीण न्याय प्रणाली की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। जहां एक ओर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों में यह मांग भी उठ रही है कि ऐसे व्यक्तियों को पंच की भूमिका से वंचित किया जाए जो विवाद सुलझाने के बजाय उसे बढ़ावा देते हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, लखनपुर गोयड़ा गांव में शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित हिंसा से स्तब्ध हैं।