Mon, 05 Oct 202610:20 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 10:20 PM IST
होम › महाराष्ट्र

गणेश विसर्जन 2026: हैदराबाद में 33,000 और मुंबई में 5,000 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन, मध्य प्रदेश में हादसे में 5 डूबे, 1 की मौत

WhatsAppFacebookX

नई दिल्ली/हैदराबाद/मुंबई/भोपाल। वंदे भारत न्यूज। देशभर में गणेश उत्सव का आज अंतिम दिन है। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें नदियों, तालाबों, झीलों और कृत्रिम कुंडों में विसर्जित किया। इस दौरान देश के प्रमुख शहरों में पुलिस और प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। हालांकि, उत्सव के बीच कुछ राज्यों से दुखद हादसों की खबरें भी सामने आई हैं।

हैदराबाद में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच विसर्जन
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हैदराबाद में लगभग 33,000 गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। हुसैन सागर झील सहित शहर के विभिन्न जल निकायों में मूर्तियां विसर्जित की जा रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में मूर्तियों के विसर्जन को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

मुंबई में 5,000 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन
गणेश उत्सव के लिए देश में सबसे अधिक प्रसिद्ध महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी विसर्जन की प्रक्रिया जारी है। मुंबई में 5,000 से अधिक गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। मुंबई पुलिस ने समुद्र तटों और विसर्जन स्थलों पर भारी संख्या में बल तैनात किया है। दादर चौपाटी, गिरगांव चौपाटी और जुहू जैसे प्रमुख समुद्र तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन करें और प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें।

मध्य प्रदेश में विसर्जन के दौरान दुखद हादसा, 5 लोग डूबे, 1 की मौत
जहां एक ओर देशभर में उत्सव का माहौल है, वहीं मध्य प्रदेश से विसर्जन के दौरान एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश में गणेश मूर्ति के विसर्जन के दौरान पांच लोग पानी में डूब गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि अन्य लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह घटना विसर्जन के दौरान जल निकायों में बढ़ी भीड़ और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुई बताई जा रही है। इस दुर्घटना ने उत्सव की खुशियों के बीच शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है और बचाव कार्यों की जानकारी दी है।

देशभर में नदियों, तालाबों और कृत्रिम कुंडों में विसर्जन
देश के अन्य हिस्सों में भी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन बड़ी श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा कृत्रिम कुंड (आर्टिफिशियल पॉन्ड) बनाए गए हैं, जहां लोग अपनी मूर्तियां विसर्जित कर रहे हैं। इसके अलावा पारंपरिक रूप से नदियों, तालाबों और झीलों में भी विसर्जन की प्रक्रिया जारी है। कई जगहों पर पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों का चलन भी देखा गया, जिन्हें घरों में ही पानी के टब में विसर्जित किया गया।

प्रशासन की तैयारी और सीसीटीवी निगरानी
इस वर्ष गणेश विसर्जन को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सभी प्रमुख शहरों में तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है। हैदराबाद और मुंबई सहित कई शहरों में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया है, जिससे विसर्जन जुलूसों और जल निकायों के आसपास की स्थिति पर नजर रखी जा सके। आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस और गोताखोरों की टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

वंदे भारत न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, गणेश उत्सव का यह अंतिम दिन श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ‘गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या’ के जयकारों के साथ भगवान गणेश को विदाई दी जा रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश में हुए हादसे ने प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए जल निकायों के पास सुरक्षा और सतर्कता बरतने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।