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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:26 PM IST
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दरभंगा में एनडीए प्रत्याशियों घनश्याम राय और सर्वेश कुमार ने दाखिल किया नामांकन, प्रदेश अध्यक्ष बोले- महागठबंधन खंड-खंड में बंटा

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दरभंगा। वंदे भारत न्यूज। बिहार के दरभंगा में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से उम्मीदवारों के रूप में घोषित किए गए घनश्याम राय और सर्वेश कुमार ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। दोनों प्रत्याशियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन पत्र जमा किए। इस दौरान एनडीए के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा रहा। नामांकन दाखिल करने के बाद लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में एक भव्य ‘नामांकन सह आशीर्वाद सभा’ का आयोजन किया गया, जिसमें गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं और हजारों समर्थकों ने हिस्सा लिया।

नामांकन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित आशीर्वाद सभा एनडीए की ताकत के प्रदर्शन का केंद्र रही। इस सभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और एनडीए के अन्य विभिन्न घटक दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए। इसके अलावा क्षेत्र के विधायक, विधान पार्षद, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता तथा आम समर्थक भी मौजूद रहे। सभा का उद्देश्य दोनों प्रत्याशियों को जीत के लिए शुभकामनाएं देना और आगामी चुनाव में गठबंधन की एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाना था।

इस अवसर पर उपस्थित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने संबोधन के दौरान एनडीए की मजबूती और विपक्षी महागठबंधन की कमजोरियों पर खुलकर बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनडीए पूरी तरह से एकजुट है और सभी घटक दल मिलकर इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि महागठबंधन खंड-खंड में बंट चुका है और उसमें कोई आंतरिक तालमेल नहीं बचा है। प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताते हुए कहा कि जनता का समर्थन एनडीए के साथ है और इस चुनाव में जीत हमारी ही होगी। उनके इस बयान को दरभंगा में एनडीए के आत्मविश्वास और चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

घनश्याम राय और सर्वेश कुमार दोनों ही एनडीए के लिए दरभंगा क्षेत्र में महत्वपूर्ण चेहरे माने जाते हैं। इनके नामांकन के साथ ही विधान परिषद की इन सीटों पर मुकाबला अब औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। नामांकन के दौरान दोनों प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। इस दौरान सड़कों पर एनडीए के समर्थन में नारेबाजी होती रही और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव का अपना अलग महत्व होता है, क्योंकि इसमें मतदान का अधिकार आम जनता को नहीं, बल्कि विधायकों, सांसदों और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को होता है। ऐसे में हर एक वोट की कीमत बहुत अधिक होती है और पार्टियों के लिए अपने सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। दरभंगा में एनडीए द्वारा आयोजित इस आशीर्वाद सभा को इसी चुनौती से निपटने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सभा में भाजपा और जदयू के नेताओं ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की, जिससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि गठबंधन धर्म का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो दरभंगा क्षेत्र में एनडीए और महागठबंधन के बीच हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान ने साफ कर दिया है कि एनडीए इस बार किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। महागठबंधन को खंड-खंड में बंटा हुआ बताकर एनडीए ने विपक्ष के खिलाफ मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से अभी तक नामांकन और उनकी रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि वे भी जल्द ही अपने प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

लहेरियासराय के प्रेक्षागृह में हुई इस सभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दरभंगा में विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। घनश्याम राय और सर्वेश कुमार के नामांकन के बाद अब सभी की नजरें मतदान की तारीख और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिक गई हैं। एनडीए के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें और सुनिश्चित करें कि गठबंधन का कोई भी वोट इधर-उधर न जाए। कुल मिलाकर, दरभंगा की राजनीति में एमएलसी चुनाव को लेकर सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी प्रचार और तेज होने की उम्मीद है।