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दतिया: ठाकुर श्री बिहारी जी मंदिर के बाहर खुली नाली में गिरी स्कूटी, युवती बाल-बाल बची; 6 महीने से टूटा चैंबर नहीं सुधरा

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मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रसिद्ध ठाकुर श्री बिहारी जी मंदिर के ठीक बाहर गुरुवार शाम को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। मंदिर परिसर के सामने से गुजर रही एक युवती की स्कूटी अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे स्थित खुली नाली में जा गिरी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे युवती अपनी स्कूटी लेकर मंदिर के सामने वाले रास्ते से गुजर रही थी, तभी अचानक उसका वाहन संतुलन खो बैठा और स्कूटी सहित वह सड़क किनारे बनी खुली नाली में गिर गई। घटना के समय आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत दौड़ लगाई और युवती को नाली से बाहर निकालकर संभाला। स्थानीय लोगों की इस सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की वजह से युवती किसी बड़ी अनहोनी का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। हालांकि, यह घटना स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

स्थानीय निवासियों और मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार, ठाकुर श्री बिहारी जी मंदिर के ठीक बाहर से यह नाली गुजरती है। करीब छह महीने पहले इसी रास्ते से एक रेत माफिया रेत से भरा हुआ ओवरलोड ट्रैक्टर लेकर गुजर रहा था। बताया जाता है कि ट्रैक्टर में क्षमता से कहीं अधिक रेत लदी हुई थी। अत्यधिक वजन के कारण जैसे ही उस भारी-भरकम ट्रैक्टर का पहिया नाली के ऊपर बने पक्के चैंबर पर चढ़ा, वह चैंबर भारी बोझ सहन नहीं कर पाया और टूट गया। उस दिन से लेकर आज तक, यानी लगभग छह महीने बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों या स्थानीय प्रशासन ने इस टूटे हुए और खुले पड़े चैंबर की मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। छह महीनों से यह नाली बिना ढक्कन के इसी तरह खुली पड़ी हुई है, जो अब हर दिन राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है और आए दिन हादसों को न्योता दे रही है।

यह मार्ग दतिया शहर का अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्ता है। ठाकुर श्री बिहारी जी मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसके चलते यहां सुबह के समय से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं, भक्तों और आम नागरिकों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा, यह सड़क श्री पीतांबरा पीठ, शहर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इसी वजह से इस रास्ते पर दिनभर दोपहिया वाहन, चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा और पैदल यात्रियों का तांता लगा रहता है। सड़क पहले से ही काफी संकरी है और उस पर नाली का चैंबर खुला होने की वजह से वाहन चालकों को अपना वाहन संभालकर निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। विशेष रूप से रात के समय जब रोशनी कम होती है, या फिर दिन में जब भक्तों की भीड़भाड़ ज्यादा होती है, तो यह खुला गड्ढा और भी अधिक खतरनाक हो जाता है। कई बार अंधेरे में या भीड़ के दबाव में वाहन चालकों को इस खुले चैंबर का अंदाजा नहीं हो पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इस क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय निवासियों और आसपास दुकानें चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने इस खुले और टूटे हुए चैंबर को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से शिकायत की है। इसके बावजूद उनकी समस्या की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोग प्रशासन की इस उदासीनता से बेहद परेशान हैं। उनका मानना है कि अगर समय रहते इस चैंबर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई बड़ा और गंभीर हादसा हो सकता है, जिसमें किसी की जान भी जा सकती है। गुरुवार शाम को हुई इस घटना ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल प्रभाव से इस नाली के चैंबर की मरम्मत करानी चाहिए ताकि इस व्यस्त मार्ग पर आवागमन सुरक्षित हो सके।

सामने आए सीसीटीवी वीडियो के वायरल होने के बाद अब यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया के जरिए भी प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि एक प्रमुख धार्मिक स्थल और मुख्य मार्ग पर छह महीने से खुला पड़ा गड्ढा प्रशासन की नजर में क्यों नहीं आया। रेत माफिया द्वारा ओवरलोड ट्रैक्टर से चैंबर तोड़े जाने की घटना के बाद भी अवैध परिवहन और सड़क क्षति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए, यह भी एक बड़ा सवाल है। दतिया के नागरिक अब जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।