Mon, 05 Oct 202611:07 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 11:07 PM IST
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तरनतारन: पुलिस चौकी कैरों के बाहर दिव्यांगों का अनिश्चितकालीन धरना, पानी विवाद में हमले के बाद झूठा क्रॉस केस खारिज करने की मांग

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तरनतारन। पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी क्षेत्र में स्थित पुलिस चौकी कैरों के बाहर दिव्यांग व्यक्तियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना एक बेहद संवेदनशील मामले को लेकर दिया जा रहा है, जिसमें पानी के विवाद में एक दिव्यांग व्यक्ति पर हुए कथित हमले के बाद पुलिस द्वारा दर्ज किए गए क्रॉस केस को खारिज करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारी दिव्यांगों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में उनके साथ अन्याय किया है और वास्तविक पीड़ित को ही आरोपी बनाने का प्रयास किया गया है। जब तक पुलिस प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता और कथित रूप से झूठे क्रॉस केस को खारिज नहीं किया जाता, तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला पट्टी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में पानी को लेकर हुए एक स्थानीय विवाद से जुड़ा है। गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बंटवारे या निकासी को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस बार यह विवाद इतना बढ़ गया कि इसमें एक दिव्यांग व्यक्ति पर हमला कर दिया गया। दिव्यांग यूनियन और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस घटना में दिव्यांग व्यक्ति पूरी तरह से पीड़ित था और उस पर कुछ लोगों द्वारा हमला किया गया था। इसके बाद जब पीड़ित पक्ष ने न्याय की उम्मीद से पुलिस चौकी कैरों का रुख किया और शिकायत दी, तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर दिव्यांग व्यक्ति और उसके पक्ष के खिलाफ ही एक क्रॉस केस दर्ज कर दिया।

धरने पर बैठे दिव्यांग संगठन के सदस्यों और यूनियन के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए और वास्तविकता को समझे बिना ही पीड़ित दिव्यांग व्यक्ति के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रभावशाली या विपक्षी पक्ष के दबाव में आकर यह क्रॉस केस दर्ज किया है, जो कि सरासर अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक दिव्यांग व्यक्ति, जो पहले से ही शारीरिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रहा है, उस पर हमला होने के बाद पुलिस से सुरक्षा और न्याय की उम्मीद थी, लेकिन पुलिस ने ही उसे आरोपी बना दिया। इससे दिव्यांग समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।

प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि उनका यह धरना अनिश्चितकालीन है। दिव्यांग यूनियन ने पुलिस चौकी कैरों के ठीक बाहर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका मुख्य और एकमात्र लक्ष्य यह है कि पानी के विवाद में हुए हमले के सिलसिले में दिव्यांग व्यक्ति और उसके परिजनों या सहयोगियों के खिलाफ दर्ज किए गए इस कथित झूठे क्रॉस केस को तत्काल प्रभाव से खारिज किया जाए। यूनियन का कहना है कि जब तक पुलिस अधिकारी लिखित रूप से या आधिकारिक तौर पर इस मामले में दर्ज क्रॉस केस को वापस लेने की पुष्टि नहीं करते, वे अपने स्थान से नहीं हटेंगे। धरने के कारण पुलिस चौकी कैरों के बाहर काफी भीड़ देखी गई और स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम ने लोगों का ध्यान खींचा है।

इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस चौकी कैरों के प्रभारी या तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए कोई पहल की है या नहीं। पुलिस का इस संबंध में क्या पक्ष है और उन्होंने क्रॉस केस किस आधार पर दर्ज किया था, इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है। हालांकि, दिव्यांग यूनियन का दावा है कि उनका पक्ष पूरी तरह से सही है और वे न्याय मिलने तक शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

यह घटना पंजाब में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है। दिव्यांग संगठन लंबे समय से यह मांग उठाते रहे हैं कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के साथ होने वाले अपराधों में पुलिस को अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। तरनतारन के पट्टी क्षेत्र में हुआ यह मामला इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां एक दिव्यांग व्यक्ति को न्याय मिलने के बजाय कथित रूप से पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की नजरें अब पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। देखा जाना है कि तरनतारन पुलिस इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या वह दिव्यांग यूनियन की मांगों पर विचार करते हुए क्रॉस केस को खारिज करने की दिशा में कोई कदम उठाती है या नहीं। फिलहाल, पुलिस चौकी कैरों के बाहर दिव्यांगों का धरना जारी है और माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बना हुआ है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष आने पर इसे अपडेट करेगा।