Tue, 06 Oct 202612:13 AM
Tue, Oct 6, 2026Updated 12:13 AM IST
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पूर्णिया डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता: SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना, विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना बंद करे

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पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया नगर निगम की उपमहापौर पल्लवी गुप्ता ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस अभियान का प्राथमिक और एकमात्र उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटिरहित और विश्वसनीय बनाना है। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की है कि वे संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाने और अनावश्यक आलोचना करने का सिलसिला अब बंद करें। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और विपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग की प्रक्रियाओं पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

उपमहापौर पल्लवी गुप्ता ने अपने वक्तव्य में यह रेखांकित किया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सटीक और अद्यतन मतदाता सूची का होना अत्यंत अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि SIR अभियान कोई राजनीतिक हथकंडा नहीं है, बल्कि यह एक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसका सीधा संबंध नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा और शुद्धता से है। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची में नाम छूटते हैं या फर्जी नाम जुड़ते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बाधित होती है। इसलिए, वर्तमान में चल रहा विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि हर योग्य नागरिक का नाम सूची में शामिल हो और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम इसमें न रहे। उन्होंने इसे चुनावी सुधारों की दिशा में उठाया गया एक आवश्यक कदम बताया है।

संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में, पूर्णिया की उपमहापौर ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और स्वायत्त संवैधानिक निकाय है, जिसकी विश्वसनीयता पर संदेह करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असम्मान भी दर्शाता है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से आग्रह किया कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से ऊपर न रखें। उनके अनुसार, यदि किसी को प्रक्रियागत खामियों लगती हैं, तो उन्हें निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक चैनलों के माध्यम से अपना पक्ष रखना चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों से संस्थाओं को बदनाम करने वाली भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि संस्थाओं पर लगातार हमले करने से जनमानस में लोकतंत्र के प्रति विश्वास कम होता है, जिससे बचना सभी राजनीतिक दलों का सामूहिक दायित्व है।

पल्लवी गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित और वैधानिक प्रक्रिया है जो समय-समय पर होती रहती है। उन्होंने कहा कि इसे किसी विशेष राजनीतिक लाभ या हानि से जोड़कर देखना भ्रामक है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और अपने क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करके अपनी जानकारी को अद्यतन कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से पारदर्शिता बनाए रखने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। उपमहापौर ने दोहराया कि SIR का मकसद केवल और केवल डेटा की गुणवत्ता में सुधार लाना है, न कि किसी विशेष समुदाय या वर्ग को लक्षित करना।

इस बयान के माध्यम से पूर्णिया प्रशासन और सत्ता पक्ष की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि मतदाता सूची शुद्धिकरण एक संवेदनशील विषय है जिस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उपमहापौर ने कहा कि विपक्ष को रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए और जहां भी वास्तविक समस्याएं हैं, वहां समाधान निकालने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती ही देश की मजबूती है और इसे कमजोर करने वाले किसी भी बयानबाजी से बचा जाना चाहिए। अंत में, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि SIR अभियान के सफल क्रियान्वयन से बिहार में आगामी चुनावी प्रक्रियाएं अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय होंगी, जो कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अपरिहार्य है।