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Tue, Oct 6, 2026Updated 8:16 AM IST
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मौड़ में आप नेताओं में हलका इंचार्ज बनने की दौड़: विधायक माइसरखाना के निष्कासन के बाद 7 चेहरे सक्रिय, 2027 टिकट पर भी नजर

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बठिंडा जिले के मौड़ विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हाल ही में मौड़ से विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद अब इस सीट पर अगली सियासी तस्वीर को लेकर हलचल बढ़ गई है। विधायक के निष्कासन से संगठन में जो राजनीतिक रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरने के लिए पार्टी के भीतर कम से कम सात प्रमुख चेहरे सक्रिय हो गए हैं। ये सभी नेता न केवल मौड़ हलके के इंचार्ज का पद हासिल करने की दौड़ में शामिल हैं, बल्कि इनकी नजरें वर्ष 2027 में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों के संभावित टिकट पर भी टिकी हुई हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों में निष्कासन के बाद मौड़ हलके में संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने इस रिक्त स्थान को भरने के लिए स्थानीय स्तर पर कई दावेदारों से बातचीत शुरू कर दी है। वर्तमान में जो सात चेहरे सबसे अधिक सक्रिय माने जा रहे हैं, उनमें पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पूर्व पार्षद और पिछले चुनावों में टिकट के दावेदार रहे नेता शामिल हैं। ये सभी नेता अपने-अपने समर्थकों के साथ दिल्ली और चंडीगढ़ में पार्टी आलाकमान से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं ताकि अपनी दावेदारी मजबूत की जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौड़ हलके में आप के लिए यह एक संवेदनशील दौर है। विधायक के निष्कासन से पार्टी कार्यकर्ताओं में कुछ असंतोष और भ्रम की स्थिति देखी जा रही है, जिसे दूर करने के लिए नए हलका इंचार्ज की नियुक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि ऐसा व्यक्ति चुना जाए जो न केवल संगठन को मजबूत कर सके, बल्कि 2027 के चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की क्षमता भी रखता हो। इसी कड़ी में, सक्रिय हुए सातों चेहरों को उनके संगठनात्मक आधार, जनसंपर्क और पिछले प्रदर्शन के आधार पर परखा जा रहा है।

इस दौड़ में शामिल नेताओं की रणनीति स्पष्ट रूप से दोहरी है। पहला, वे तत्काल प्रभाव से हलका इंचार्ज का पद प्राप्त कर संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। दूसरा, वे इस पद को 2027 के विधानसभा चुनाव के टिकट के लिए एक मजबूत दावेदारी के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। मौड़ हलके में आप की स्थिति को देखते हुए, हलका इंचार्ज बनने वाला व्यक्ति स्वाभाविक रूप से अगले चुनाव में टिकट का सबसे प्रबल दावेदार माना जाएगा। इसलिए, वर्तमान सक्रियता को केवल संगठनात्मक नियुक्ति तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे 2027 की चुनावी तैयारी का ही एक हिस्सा कहा जाना चाहिए।

पार्टी के भीतर चल रही इस आंतरिक कवायद पर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। आप के प्रदेश प्रधान और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि हलका इंचार्ज की नियुक्ति पूरी तरह से मेरिट और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर की जाएगी। किसी भी प्रकार की गुटबाजी या दबाव को दरकिनार करते हुए, ऐसे व्यक्ति का चयन किया जाएगा जो पार्टी की नीतियों और विचारधारा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हो। साथ ही, यह भी संकेत मिले हैं कि अंतिम निर्णय लेने से पहले स्थानीय कार्यकर्ताओं और हितधारकों की राय भी ली जा सकती है ताकि नियुक्ति सर्वमान्य हो सके।

मौड़ हलके में आप के इस आंतरिक घटनाक्रम पर विपक्षी पार्टियों की भी नजर बनी हुई है। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों ही आप की इस आंतरिक उथल-पुथल को अपनी राजनीतिक लाभ के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में, आप के लिए यह आवश्यक है कि वह जल्द से जल्द संगठनात्मक स्थिरता बहाल करे और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह संचारित करे। यदि हलका इंचार्ज की नियुक्ति में देरी होती है या विवादित तरीके से की जाती है, तो इसका असर 2027 की चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, मौड़ हलके में आप के सातों सक्रिय चेहरों की दौड़ जारी है और अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान के हाथों में है। जब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि बाजी किसके हाथ लगेगी। लेकिन यह तय है कि आने वाले दिनों में मौड़ की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिलेंगे और 2027 के चुनावों की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि अंततः कमान किसे सौंपी जाती है और क्या वह व्यक्ति 2027 में पार्टी को फिर से जीत दिलाने में सफल होगा या नहीं।