Tue, 06 Oct 202611:26 AM
Tue, Oct 6, 2026Updated 11:26 AM IST
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सीकर पंचायत चुनाव: करवा चौथ और धनतेरस के मद्देनजर दूसरे व तीसरे चरण की तारीखों में बदलाव, जानें मतदान और मतगणना का नया शेड्यूल

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राजस्थान के सीकर जिले में प्रस्तावित पंचायती राज सामान्य चुनावों के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्योहारों को ध्यान में रखते हुए चुनावी कार्यक्रम की तारीखों में संशोधन करने का निर्णय लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, करवा चौथ और धनतेरस जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्वों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे अपनी धार्मिक रस्मों के साथ-साथ लोकतांत्रिक कर्तव्यों का निर्वहन भी सुगमता से कर सकें। इस संशोधन के तहत पंचायत चुनाव के दूसरे और तीसरे चरण के लिए निर्धारित मतदान और मतगणना की तारीखों को एक दिन पूर्व खिसका दिया गया है।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, जिन तिथियों पर पहले मतदान होना था, अब उनसे एक दिन पहले ही वोटिंग प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इसी प्रकार, मतगणना की तारीखों में भी समान रूप से एक दिन की कटौती की गई है। यह बदलाव विशेष रूप से दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव क्षेत्रों पर लागू होगा। आयोग का मानना है कि करवा चौथ और धनतेरस हिंदू समाज में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले त्योहार हैं। ऐसे में यदि चुनावी प्रक्रिया इन तिथियों पर या इनके ठीक बाद आयोजित होती, तो इससे मतदान प्रतिशत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था और आम जनजीवन में व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना थी। इसलिए, व्यापक जनहित और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शेड्यूल में यह तकनीकी सुधार किया गया है।

सीकर जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसर्स और मतदान कर्मियों को इस संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दे दी है। नई तारीखों के अनुसार चुनावी तैयारियों को पुनर्व्यवस्थित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, ईवीएम मशीनों का वितरण, मतदान दलों की रवानगी और अन्य लॉजिस्टिक इंतजामों को अब नई समय-सारणी के अनुरूप ढाला जाएगा। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का दावा किया है कि तारीखों में हुए इस बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की गुणवत्ता या निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी चरणों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आवश्यक बंदोबस्त पहले की तरह ही मुस्तैदी से किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ग्रामीण राजस्थान की राजनीतिक और सामाजिक संरचना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। सीकर जिले में इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ऐसे में चुनावी कार्यक्रम का त्योहारों से टकराव न हो, यह सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता रही है। पहले चरण के चुनाव कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है; संशोधन केवल दूसरे और तीसरे चरण तक ही सीमित है। इससे स्पष्ट होता है कि आयोग ने स्थिति का सूक्ष्म विश्लेषण करने के बाद ही लक्षित हस्तक्षेप किया है।

मतदाताओं से अपील की गई है कि वे संशोधित तिथियों को नोट कर लें और भ्रमित न हों। पिछले कार्यक्रम के आधार पर बनाई गई योजनाओं को त्यागकर नई तारीखों के अनुसार अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए तैयार रहें। लोकतंत्र में मतदान एक पवित्र कर्तव्य है और त्योहारों की खुशियों के बीच इस कर्तव्य का पालन करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता की पालना यथावत जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, यह बदलाव निर्वाचन आयोग की संवेदनशीलता और व्यावहारिक सोच का परिचायक है। जहां एक ओर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निरंतरता सुनिश्चित करना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर जनता की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का सम्मान करना भी शासन का दायित्व है। सीकर के पंचायत चुनावों में किया गया यह संशोधन दोनों उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सफल प्रयास है। मतदाताओं, प्रत्याशियों और चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से अपेक्षा है कि वे नए शेड्यूल का पूर्ण अनुपालन करेंगे और लोकतांत्रिक पर्व को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे। आगामी दिनों में यदि कोई और तकनीकी या प्रशासनिक अपडेट आता है, तो उसकी जानकारी भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल, सभी हितधारकों को संशोधित तिथियों के अनुसार अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया है।