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Tue, Oct 6, 2026Updated 1:31 PM IST
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अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार की अटकलों पर लगाई रोक, बोले- सपा की नजर अब 403 विधानसभा सीटों पर; राज्यसभा प्रत्याशियों का निर्विरोध चुनाव तय

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही अनिश्चितता और अटकलों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट रुख अपना लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि समाजवादी पार्टी राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस घोषणा के साथ ही पार्टी ने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत देते हुए यह कहा है कि अब पार्टी की निगाहें केवल तीन सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों पर केंद्रित हैं। अखिलेश यादव के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, जिसमें पार्टी का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और व्यापक जनसंपर्क पर लगाने का इरादा झलकता है।

समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए पहले ही अपने दो उम्मीदवारों के नामों की औपचारिक घोषणा कर दी थी। पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और धनंजय परिमल नाथवानी को मैदान में उतारा गया है। इन दोनों नेताओं ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। चूंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के आधार पर समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिलना सुनिश्चित था, इसलिए इन दोनों नामों पर शुरू से ही सहमति थी। हालांकि, राजनीतिक गलियारों और मीडिया में इस बात को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं कि क्या सपा किसी भी स्थिति में तीसरा उम्मीदवार उतारने का जोखिम लेगी या फिर अन्य दलों के साथ मिलकर कोई समीकरण बनाएगी। पार्टी के भीतर भी तीसरे उम्मीदवार को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अखिलेश यादव ने अब इन सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान संख्याबल और राजनीतिक यथार्थ को देखते हुए तीसरा उम्मीदवार उतारना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि अब हमारी नजर 3 पर नहीं, बल्कि 403 पर है। यह बयान इस बात का प्रमाण है कि सपा ने राज्यसभा की सीमित सीटों की लड़ाई को समाप्त मानकर अपना पूरा ऊर्जा और संसाधन विधानसभा चुनावों की तैयारी में लगाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं और अखिलेश यादव का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह संदेश देने के लिए है कि उन्हें छोटी-मोटी रणनीतिक जीत के बजाय बड़े लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विपक्षी खेमे में एकजुटता और आत्मविश्वास पैदा करने के उद्देश्य से दिया गया है।

राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में यह भी तय माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवार, राम गोपाल यादव और धनंजय परिमल नाथवानी, निर्विरोध चुने जाएंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मौजूद विधायकों की संख्या और भारतीय जनता पार्टी तथा अन्य दलों के संख्याबल को देखते हुए, सपा के दोनों प्रत्याशियों के खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार खड़ा होने की संभावना नहीं है। यदि कोई अन्य दल या निर्दलीय विधायक भी नामांकन दाखिल करता है, तो उसके जीतने की गणितीय संभावना न के बराबर है। ऐसे में, सपा के दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है। इससे पार्टी को बिना किसी संघर्ष के अपने कोटे की दोनों सीटें सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और वह अपनी पूरी ताकत आगामी चुनावी तैयारियों में झोंक सकेगी।

धनंजय परिमल नाथवानी का नामांकन इस बार विशेष चर्चा का विषय रहा है, क्योंकि वे पार्टी के लिए एक नए चेहरे के रूप में सामने आए हैं। वहीं, राम गोपाल यादव का अनुभव और संसदीय कार्यकुशलता पार्टी के लिए राज्यसभा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। अखिलेश यादव द्वारा तीसरे उम्मीदवार की संभावना को खारिज किए जाने से पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी या असंतोष की खबरों पर भी रोक लगने की उम्मीद है। अब पार्टी का पूरा फोकस बूथ स्तर तक संगठन को खड़ा करने, सदस्यता अभियान तेज करने और जनता के बीच अपनी नीतियों को पहुंचाने पर होगा।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव अक्सर आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाले संकेतक माने जाते हैं। अखिलेश यादव का ‘403 पर नजर’ वाला बयान इसी क्रम में देखा जाना चाहिए। यह बयान न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह विरोधी दलों को भी यह संदेश देता है कि समाजवादी पार्टी अब रक्षात्मक मुद्रा में नहीं, बल्कि पूर्ण बहुमत प्राप्त करने के आक्रामक मिशन पर काम कर रही है। राज्यसभा चुनाव की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सपा अपनी विस्तृत चुनावी रणनीति और घोषणापत्र की दिशा में तेजी से काम शुरू कर देगी। फिलहाल, राम गोपाल यादव और धनंजय परिमल नाथवानी के निर्विरोध चुने जाने की राह साफ हो गई है और पार्टी ने अपनी अगली बड़ी लड़ाई के लिए खुद को मानसिक और रणनीतिक रूप से तैयार कर लिया है।