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Tue, Oct 6, 2026Updated 1:30 PM IST
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मुजफ्फरनगर: पेपर मिल में कटिंग बेल्ट की चपेट में आने से युवक की मौत, सात बहनों का इकलौता भाई था मृतक; गांव वालों ने किया प्रदर्शन

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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने एक पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) में स्थित कीर्ति क्राफ्ट पेपर मिल में मंगलवार तड़के सुबह करीब तीन बजे हुए एक भयंकर हादसे में एक युवक की जान चली गई। बताया गया है कि काम के दौरान वह पेपर कटिंग की बेल्ट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इतनी हृदयविदारक है कि मृतक अपनी सात बहनों का इकलौता भाई था। इस दुखद खबर के बाद पूरे गांव और परिवार में मातम पसर गया है, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार अल-सुबह करीब तीन बजे का है, जब मिल में रात्रि पाली का काम चल रहा था। इसी दौरान उक्त युवक किसी तरह पेपर कटिंग मशीन की तेज रफ्तार वाली बेल्ट की चपेट में आ गया। औद्योगिक मशीनरी की भारी बेल्ट में फंसने के कारण उसे बचाने का कोई अवसर नहीं मिल सका और उसकी जान चली गई। सूत्रों के मुताबिक, मृतक युवक ने इस पेपर मिल में काम करना हाल ही में शुरू किया था। बताया जा रहा है कि उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही अपने पिता के साथ मिलकर इस फैक्ट्री में कार्यभार संभाला था। पिता और पुत्र दोनों मिलकर परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यहां काम कर रहे थे, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। मात्र डेढ़ महीने के भीतर ही इस नौजवान की जान चले जाने से उसके पिता और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि ने इस हादसे को और भी अधिक मार्मिक बना दिया है। मृतक युवक अपनी सात बहनों का इकलौता भाई था। घर में एकमात्र सहारा और भाई होने के नाते सभी बहनों और परिजनों की उम्मीदें उसी से जुड़ी हुई थीं। अब उसके अचानक इस तरह चले जाने से पूरा परिवार सदमे में है। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे शोक में डूबे हुए हैं। जिस उम्र में उसे अपने परिवार की जिम्मेदारियां उठानी थीं, उसी उम्र में एक औद्योगिक लापरवाही या दुर्घटना ने उसका जीवन समाप्त कर दिया।

इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही आसपास के इलाकों और मृतक के गांव में पहुंची, लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं। आक्रोशित गांव वालों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने इस घटना की जिम्मेदारी सीधे तौर पर फैक्ट्री प्रबंधन पर मढ़ते हुए उचित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका आरोप है कि मशीनों के पास काम करने वाले श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते और न ही उन्हें खतरनाक मशीनरी से बचाव के लिए सही तरीके से प्रशिक्षित किया जाता है।

हादसे की सूचना मिलते ही सिखेड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में किस परिस्थिति में यह हादसा हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था, इस बिंदु पर गहनता से छानबीन की जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधन से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो सके।

मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में कई पेपर मिलें और अन्य फैक्ट्रियां संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रमिक काम करते हैं। ऐसे में यह पहला मौका नहीं है जब किसी फैक्ट्री में सुरक्षा चूक के कारण किसी श्रमिक की जान गई हो। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। विशेषज्ञों और श्रम संगठनों का मानना है कि पेपर मिलों में कटिंग मशीनें और बेल्ट अत्यंत खतरनाक होती हैं। इनके संचालन के दौरान श्रमिकों को विशेष सुरक्षा गियर पहनना अनिवार्य होना चाहिए और मशीनों पर आपातकालीन स्टॉप बटन की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। यदि समय रहते इन मानकों को लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसे दुखद हादसों की पुनरावृत्ति होने की आशंका बनी रहती है।

फिलहाल, पूरा इलाका इस घटना से स्तब्ध है। एक तरफ जहां एक परिवार ने अपना इकलौता चिराग खो दिया है, वहीं दूसरी तरफ गांव वाले इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और मृतक के शोक संतप्त परिवार को क्या मदद और मुआवजा प्रदान किया जाता है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किस रूप में आगे बढ़ेगी।