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Tue, Oct 6, 2026Updated 3:39 PM IST
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साइबर अलर्ट: शादी के कार्ड के नाम पर हो रहा मोबाइल हैक, APK फाइल डाउनलोड करते ही चोरी हो सकता है बैंकिंग डेटा और OTP

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जयपुर। राजस्थान में शादियों के सीजन के दौरान साइबर अपराधियों ने एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपना लिया है। अब ये ठग लोगों की खुशियों और भावनाओं को निशाना बनाकर ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के बहाने साइबर ठगी को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं। व्हाट्सएप और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शादी का कार्ड, होटल वेन्यू की जानकारी या प्री-वेडिंग फोटो और वीडियो देखने के नाम पर संदिग्ध एपीके (APK) फाइलें और फिशिंग लिंक भेजे जा रहे हैं। राजस्थान साइबर क्राइम की ओर से इस नई धोखाधड़ी को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह धोखाधड़ी मुख्य रूप से एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स को निशाना बना रही है। ठग सबसे पहले किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति या रिश्तेदार के नाम से व्हाट्सएप पर मैसेज करते हैं। इस मैसेज में शादी के निमंत्रण कार्ड का एक लिंक या सीधे तौर पर एक एपीके फाइल भेजी जाती है। मैसेज का टोन इतना स्वाभाविक होता है कि कई बार पीड़ित को शक तक नहीं होता। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति उत्सुकता या भावनाओं में आकर उस संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड करके अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता है, उसके फोन में एक मैलवेयर (Malware) सक्रिय हो जाता है। यह मैलवेयर पूरी तरह से छिपा हुआ होता है और यूजर को इसके चलने का कोई संकेत नहीं मिलता।

इस मैलवेयर के सक्रिय होते ही ठगों को पीड़ित के स्मार्टफोन का पूरा नियंत्रण मिल जाता है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह वायरस पीड़ित के फोन पर आने वाले सभी एसएमएस (SMS) को चुपचाप पढ़ सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि बैंक से आने वाला वन टाइम पासवर्ड (OTP), लेनदेन के अलर्ट और अन्य महत्वपूर्ण संदेश सीधे ठगों के सर्वर पर पहुंचने लगते हैं। इसके अलावा, यह मैलवेयर फोन में मौजूद बैंकिंग एप्लीकेशन्स के डेटा, कॉन्टैक्ट लिस्ट, गैलरी में मौजूद निजी फोटो और अन्य संवेदनशील जानकारी को भी चुरा सकता है। इस प्रकार, पीड़ित को बिना कुछ पता चले ही उसके बैंक खाते खाली किए जा सकते हैं या उसकी निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जा सकता है।

शादी का सीजन होने के कारण लोग बड़ी संख्या में डिजिटल इनविटेशन कार्ड भेजते और प्राप्त करते हैं। ठग इसी सामान्य व्यवहार का फायदा उठा रहे हैं। जब कोई व्यक्ति ‘शादी का कार्ड’, ‘होटल का लोकेशन’ या ‘प्री-वेडिंग शूट की झलक’ जैसी बात सुनता है, तो वह बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देता है। यही वह क्षण होता है जब ठग अपनी चाल में कामयाब हो जाते हैं। राजस्थान साइबर क्राइम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में ठग अक्सर उन नंबरों का इस्तेमाल करते हैं जो असली परिचितों से मिलते-जुलते हों, या फिर हैक किए गए नंबरों से मैसेज भेजते हैं ताकि पीड़ित को विश्वास हो जाए कि कार्ड किसी जानने वाले ने ही भेजा है।

इस गंभीर खतरे से बचने के लिए साइबर क्राइम विभाग ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सबसे पहली और जरूरी सलाह यह है कि व्हाट्सएप या किसी भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आए अनजान लिंक या एपीके फाइलों को कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। यदि किसी परिचित का शादी का कार्ड आता है, तो उसे खोलने से पहले उस व्यक्ति से फोन कॉल या अन्य माध्यम से पुष्टि जरूर करें कि क्या उसने वास्तव में ऐसा कोई मैसेज भेजा है। इसके अलावा, अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर ‘अनजान सोर्सेज से ऐप इंस्टॉल करने’ (Install from Unknown Sources) के विकल्प को हमेशा बंद रखें। यह सेटिंग बाहर से आई किसी भी एपीके फाइल को फोन में इंस्टॉल होने से रोकती है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को डिजिटल साक्षरता के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। शादी के कार्ड आजकल पीडीएफ (PDF) या इमेज (JPG/PNG) फॉर्मेट में भेजे जाते हैं, न कि एपीके फाइल के रूप में। यदि कोई फाइल .apk एक्सटेंशन के साथ आ रही है, तो यह तुरंत समझ लेना चाहिए कि यह एक एप्लीकेशन है और इसे खोलने से सिस्टम में बदलाव हो सकते हैं।

यदि किसी व्यक्ति से गलती से ऐसी कोई फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल हो गई है, तो उसे तुरंत अपने फोन को इंटरनेट (वाई-फाई और मोबाइल डेटा) से डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए। इसके बाद फोन को सेफ मोड (Safe Mode) में शुरू करके उस संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करना चाहिए। यदि बैंकिंग ऐप्स फोन में हैं, तो तुरंत दूसरे फोन या कंप्यूटर से बैंक को सूचित करके अपने खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाना चाहिए और पासवर्ड बदलने चाहिए।

साइबर ठगी का शिकार होने या ऐसी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर पीड़ित को तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा, cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों, विशेषकर बुजुर्गों और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को इस नई ठगी के बारे में जानकारी दें, ताकि शादी की खुशियों के बीच किसी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।