मानसा: किसानों ने 13 मांगों को लेकर किया जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स का घेराव, सुबह 7 बजे से धरने पर बैठे; अधिकारियों-कर्मचारियों की एंट्री रोकी

पंजाब के मानसा जिले में मंगलवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बड़ा आंदोलन करते हुए जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स का घेराव कर दिया। किसान संगठनों ने अपनी 13 मांगों के समर्थन में सुबह सात बजे से ही धरना शुरू कर दिया और प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को कॉम्प्लेक्स के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण जिला स्तर की प्रशासनिक गतिविधियां सुबह से ही ठप हो गईं। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह घेराव कार्यक्रम किसानों द्वारा देश भर में चलाए जा रहे व्यापक आंदोलन का हिस्सा है।
किसानों ने सुबह सात बजे से ही जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के मुख्य द्वार और अन्य प्रवेश मार्गों पर डेरा डाल लिया। भारी संख्या में पहुंचे किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर पकड़ रखे थे, जिन पर उनकी मांगें लिखी हुई थीं। किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे अपना धरना जारी रखेंगे। इस घेराव के कारण जिला प्रशासन के अधिकारी और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी अपने कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच सके। कई कर्मचारी सुबह-सुबह दफ्तर पहुंचे, लेकिन किसानों के कड़े पहरों और विरोध प्रदर्शन के चलते उन्हें बाहर ही रुकना पड़ा। प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के अंदर स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों में दिनभर ताले लटके रहे और आम जनता का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
किसानों के इस आंदोलन में सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध भी शामिल है। किसान संगठनों ने इस समझौते को रद्द करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय समझौतों से भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को सीधा नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा, किसानों ने कुल 13 मांगों का एक चार्टर प्रशासन के सामने रखा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन सभी 13 मांगों का पूरा ब्योरा अभी विस्तार से सामने नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ये मांगें कृषि क्षेत्र, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और किसानों के व्यापक हितों से जुड़ी हुई हैं। किसान संगठनों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे पिछले लंबे समय से इन मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि अब उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रशासनिक भवनों का घेराव करने जैसे कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं।
मानसा जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के घेराव की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया। हालांकि, किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन किया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। किसान नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह नीतियों और उनके अधिकारों के लिए एक संघर्ष है। किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पंजाब के मानसा जिले में किसानों का यह घेराव राज्य में चल रहे व्यापक किसान आंदोलन की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों में किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। मानसा में सुबह सात बजे से शुरू हुए इस धरने ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि किसान अपने मुद्दों को लेकर कितने प्रतिबद्ध हैं। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसानों की मांगों पर कोई औपचारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है और किसानों की 13 मांगों पर आगे क्या बातचीत होती है। फिलहाल, जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के बाहर किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है और उनका धरना जारी है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोके जाने के कारण प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से प्रभावित बना हुआ है।

