Tue, 06 Oct 20265:33 PM
Tue, Oct 6, 2026Updated 5:33 PM IST
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शिवपुरी: मनपुरा PHC में 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर दिनेश सगर का छठे दिन भी अनशन जारी, वजन 5.4 किलो से अधिक घटा

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की चिंताएं सामने आई हैं। शिवपुरी जिले के मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में चौबीसों घंटे डॉक्टर की उपलब्धता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर स्थानीय निवासी दिनेश सगर ने आमरण अनशन शुरू किया है। यह अनशन मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 तक अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। दिनेश सगर खुले आसमान के नीचे बैठकर अन्न और जल का पूर्ण रूप से त्याग कर चुके हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है।

दिनेश सगर के मुताबिक, पिछले छह दिनों से बिना कुछ खाए-पिए लगातार अनशन पर बैठे रहने के कारण उनके शरीर का वजन 5 किलो 400 ग्राम से अधिक कम हो गया है। लगातार गिरते वजन और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उनकी मांगों को लेकर उनका संकल्प अडिग बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीसों घंटे डॉक्टर की तैनाती सुनिश्चित नहीं की जाती और ग्रामीणों को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। खुले आसमान के नीचे धूप, ठंड और मौसम की अन्य कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उनका यह प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में चौबीस घंटे डॉक्टर न होने के कारण आसपास के गांवों के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय या आपातकालीन स्थिति में यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है, तो उसे इलाज के लिए दूर स्थित अन्य अस्पतालों या शहर की ओर रुख करना पड़ता है। इस दौरान कई बार मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है और समय पर उपचार न मिल पाने के कारण जान जोखिम में पड़ जाती है। दिनेश सगर का यह अनशन इन्हीं बुनियादी स्वास्थ्य समस्याओं और ग्रामीणों की पीड़ा को प्रशासन के समक्ष रखने का एक प्रयास है।

दिनेश सगर के इस अनशन को मनपुरा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन से उनकी मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मनपुरा पीएचसी उनके लिए जीवन रेखा है, लेकिन यहां डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता न होने से उन्हें हमेशा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने दिनेश सगर के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि उनके अनशन को समाप्त कराया जा सके और उनकी जान को कोई खतरा न हो।

छठे दिन में प्रवेश कर चुके इस अनशन ने शिवपुरी जिले के स्वास्थ्य प्रशासन के लिए भी एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ जहां दिनेश सगर का वजन तेजी से घट रहा है और उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों का बढ़ता समर्थन इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से दिनेश सगर की मांगों को लेकर कोई ठोस आश्वासन दिया गया है या नहीं। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इन केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होता है। मनपुरा पीएचसी की स्थिति को लेकर उठाए गए ये सवाल केवल एक स्वास्थ्य केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की ओर भी इशारा करते हैं। दिनेश सगर द्वारा अपना वजन 5.4 किलो से अधिक गिरने के बाद भी अन्न-जल का त्याग किए रहना उनकी मांगों की गंभीरता को दर्शाता है।

वन्दे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट में सभी तथ्य उपलब्ध स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। दिनेश सगर के अनुसार उनके वजन में 5 किलो 400 ग्राम से अधिक की कमी आई है। फिलहाल, मनपुरा पीएचसी में चौबीस घंटे डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर उनका अनशन जारी है और ग्रामीणों का समर्थन उन्हें मिल रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस संवेदनशील मुद्दे पर कब और क्या निर्णय लेता है, ताकि ग्रामीणों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके और दिनेश सगर का अनशन समाप्त हो सके।