आलीराजपुर: रोजगार सहायक की शिकायत पर ग्रामीणों के खिलाफ FIR, जवाबी कार्रवाई में ग्रामीणों ने थाने में दी झूठी शिकायत की तहरीर

मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में पंचायत स्तर पर कार्यरत एक रोजगार सहायक और स्थानीय ग्रामीणों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने का रूप ले लिया है। मामला जिले की जामनी पंचायत से जुड़ा है, जहां रोजगार सहायक द्वारा की गई शिकायत के आधार पर तीन ग्रामीणों के खिलाफ जोबट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर ही झूठी शिकायत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलीराजपुर जिले की जामनी पंचायत में रोजगार सहायक के पद पर शेरसिंह कार्यरत हैं। हाल ही में शेरसिंह ने जोबट थाने में कुछ ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्रामीण भारतसिंह, लालसिंह और प्रकाश के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा इन तीनों ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर जैसे ही गांव में फैली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित ग्रामीणों ने चुप बैठने के बजाय कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई का रास्ता अपनाया। भारतसिंह, लालसिंह और प्रकाश सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजगार सहायक शेरसिंह ने उनके खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई है, वह पूरी तरह से निराधार और झूठी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस विवाद में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। अपनी बात रखने और न्याय की मांग को लेकर ये सभी ग्रामीण जोबट थाने पहुंचे और उन्होंने रोजगार सहायक शेरसिंह के खिलाफ एक लिखित आवेदन दिया।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि रोजगार सहायक शेरसिंह ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष लोगों को परेशान न होना पड़े। ग्रामीणों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे उच्च अधिकारियों तक अपनी शिकायत लेकर जाएंगे।
इस संबंध में जब जोबट थाना प्रभारी (TI) से बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों के आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों ने रोजगार सहायक शेरसिंह के खिलाफ जो आवेदन दिया है, उस पर पुलिस संज्ञान लेगी। टीआई ने कहा कि हम इस मामले की जांच करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि रोजगार सहायक की शिकायत में कितनी सत्यता है और ग्रामीणों के आरोप किस हद तक सही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि बिना ठोस जांच के किसी भी पक्ष के खिलाफ कोई मनमाना कदम नहीं उठाया जाएगा।
बता दें कि मध्य प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पंचायत स्तर पर रोजगार सहायक ही श्रमिकों का पंजीकरण, जॉब कार्ड का वितरण, कार्यस्थल पर उपस्थिति का संधारण और मजदूरी भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने में मुख्य कड़ी का काम करते हैं। ऐसे में जब किसी रोजगार सहायक और ग्रामीणों के बीच इस तरह का सीधा विवाद सामने आता है, तो यह न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन जाता है, बल्कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों और रोजगार योजनाओं के संचालन पर भी इसका असर पड़ने की संभावना रहती है।
जामनी पंचायत में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सहायकों और आम जनता के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। कई बार पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे विवाद समय रहते सुलझाए नहीं जा पाते हैं, जिसके कारण मामला पुलिस थाने तक पहुंच जाता है। इस मामले में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक तरफ रोजगार सहायक शेरसिंह ने ग्रामीणों भारतसिंह, लालसिंह और प्रकाश के खिलाफ शिकायत की, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। वहीं दूसरी तरफ, ग्रामीणों ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए रोजगार सहायक पर ही झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा दिया है।
फिलहाल, पूरा मामला जोबट थाने में विचाराधीन है। पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदनों और शिकायतों को संज्ञान में ले लिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि जांच अधिकारी इस विवाद की तह तक कैसे पहुंचते हैं और अंतिम रूप से क्या निष्कर्ष निकालते हैं। आलीराजपुर जिले के इस गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके और निर्दोष व्यक्तियों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में आगे की अपडेट्स पर नजर बनाए हुए है।

